अब हर मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाता रखने की तैयारी, अम्बेडकरनगर में शुरू हुई पुनर्गठन प्रक्रिया

17 Jul 2026

आगामी चुनावों से पहले मतदान व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में अम्बेडकरनगर में मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत प्रत्येक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रस्तावित व्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी हैं।

इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसदों, विधायकों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। प्रस्तावित मतदेय स्थलों की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा करते हुए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की गई।

जिला निर्वाचन अधिकारी ईशा प्रिया ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक निर्धारित किया है। इसी मानक के अनुरूप जिले में मतदेय स्थलों के संभाजन (रीऑर्गनाइजेशन) की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

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उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार आलेख्य प्रकाशन के बाद सभी जनप्रतिनिधियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रस्तावित व्यवस्था पर सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इन सुझावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बैठक में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार अम्बेडकरनगर में वर्तमान समय में 2171 मतदेय स्थल संचालित हैं। पुनर्गठन के बाद इनकी संख्या 2149 प्रस्तावित की गई है। प्रस्तावित बदलावों पर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई और उपस्थित जनप्रतिनिधियों तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से उनके सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज की गईं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बैठक के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ज्योत्स्ना बंधु सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

मतदेय स्थल संभाजन का उद्देश्य मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या को निर्धारित मानक के अनुरूप रखना है, ताकि मतदान के दौरान भीड़ कम हो और मतदाताओं को सुविधा मिल सके। निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाताओं की संख्या, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर मतदेय स्थलों की समीक्षा करता है।