करोड़ों की गौशालाएं, फिर भी सड़कों पर घूम रहे पशु... आखिर कहां हो रही चूक?

31 Jul 2026

अम्बेडकरनगर। देश सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण और उनके सुरक्षित रखरखाव के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर गौ आश्रय स्थलों का संचालन कर रही है। शासन स्तर से लगातार यह निर्देश भी जारी किए जाते हैं कि सड़कों और खेतों में घूम रहे छुट्टा पशुओं को तत्काल गौ आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगे और किसानों की फसल सुरक्षित रह सके। इसके बावजूद अम्बेडकरनगर जिले में हालात अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं।

जिले के विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में छुट्टा गोवंश खुलेआम घूमता दिखाई दे रहा है। व्यस्त सड़कों पर अचानक पशुओं के आ जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के सामने हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन ऐसे हादसे सामने आते हैं, जिनमें वाहन चालक घायल होते हैं और कई बार टक्कर लगने से गोवंश की भी मौत हो जाती है। इससे सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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सड़कों के साथ-साथ खेतों में भी छुट्टा पशुओं की मौजूदगी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। धान, मक्का, सब्जियों समेत अन्य फसलों में घुसकर गोवंश नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल बचाने के लिए उन्हें रातभर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद नुकसान से बचना मुश्किल हो रहा है। लगातार हो रहे नुकसान का असर उनकी आय और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है।

शुक्रवार को विकास खंड भीटी के भीटी गोसाईगंज क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर कई छुट्टा पशु घूमते दिखाई दिए। इसी तरह विकास खंड कटेहरी के प्रतापपुर चमुर्खा स्थित अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर भी बड़ी संख्या में गोवंश सड़क पर विचरण करता मिला। यह मार्ग काफी व्यस्त माना जाता है, जिसके चलते यहां हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों और ग्राम पंचायतों की ओर से समय-समय पर छुट्टा पशुओं को पकड़ने के अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन उनका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता। लोगों ने मांग की है कि नियमित अभियान चलाकर सभी छुट्टा पशुओं को गौ आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाए और इसकी प्रभावी निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द सिंह ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे छुट्टा गोवंश को पकड़कर गौ आश्रय स्थलों में रखा जाए। उन्होंने कहा कि जहां भी इस तरह की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई कर पशुओं को गौशालाओं में भेजा जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।