अखिलेश के आरोपों पर ब्रजेश पाठक का पलटवार, अंबेडकर प्रतिमाओं पर छिड़ी बहस

20 Sep 2026

लखनऊ, 20 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि प्रदेश के 72 जिलों में 151 अंबेडकर प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त की गई हैं। उनके अनुसार, इन मामलों में अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई हुई है, जबकि कई मामलों में कार्रवाई नहीं होने का भी दावा किया गया है।

अखिलेश यादव के इस दावे पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व शासनकाल को लेकर सवाल उठाए। पाठक ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की सबसे अधिक प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने का काम समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुआ था। दोनों नेताओं के बयानों के बाद अंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा, कार्रवाई और पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल को लेकर राजनीतिक बहस सामने आई है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अंबेडकर की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किए जाने का मुद्दा उठाया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 72 जिलों में बाबा साहब की 151 प्रतिमाएं तोड़ी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि हर वर्ष 15 से अधिक प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त की गईं। अखिलेश यादव ने इन मामलों में हुई कार्रवाई को लेकर भी आंकड़े बताए। उनके अनुसार, 14 मामलों में गिरफ्तारियां हुई हैं, 45 मामलों में आरोपी अज्ञात हैं, आठ मामलों में नामजद शिकायत दर्ज हुई है और 84 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ये आंकड़े अखिलेश यादव की ओर से दिए गए दावे के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने के मामलों के लिए जिम्मेदार कौन है।

अखिलेश यादव के आरोपों के जवाब में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की सर्वाधिक प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने का काम समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ था। पाठक ने लखनऊ के गोमती नगर में बहुजन समाज पार्टी से जुड़ी एक प्रतिमा का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उसे समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने तोड़ा था। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर दलितों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी आरोप लगाए। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आरोप ब्रजेश पाठक की ओर से लगाए गए राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध सामग्री में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

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ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल को दलितों के साथ व्यवहार के मुद्दे से जोड़ते हुए कहा कि देश में दलितों पर जितना अत्याचार हुआ, वह समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी को भविष्य में प्रदेश की सत्ता नहीं मिलने वाली है। यह राजनीतिक टिप्पणी है और इसे पाठक के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित मतदाताओं और बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े प्रतीकों का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहा है। ऐसे में प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने के मामलों पर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण विषय बन जाते हैं।

अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए मुद्दे में प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया। उनके दावे के अनुसार, 151 मामलों में सभी जगह एक जैसी कार्रवाई नहीं हुई। उपलब्ध रिपोर्ट में 14 मामलों में गिरफ्तारी, 45 मामलों में अज्ञात आरोपी, आठ मामलों में नामजद शिकायत और 84 मामलों में कार्रवाई नहीं होने की बात अखिलेश यादव के हवाले से कही गई है। इन आंकड़ों को लेकर संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड या प्रत्येक जिले के अलग-अलग मामलों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें अखिलेश यादव के दावे के तौर पर ही प्रस्तुत किया जा रहा है।

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अंबेडकर प्रतिमाओं का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर बयानबाजी जारी है। ब्रजेश पाठक इससे पहले भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते रहे हैं। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में उन्होंने राहुल गांधी के इंदौर में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम और सपा की राजनीति पर टिप्पणी की थी। इससे पहले अगस्त 2026 में भी पाठक ने राहुल गांधी और कांग्रेस से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर बयान दिया था।

ब्रजेश पाठक ने इसी दौरान इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से जुड़े एक वीडियो का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां की मिमिक्री को लेकर आपत्ति जताई। पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां की मिमिक्री कराना निंदनीय है। उन्होंने मां के स्थान को भगवान के समान बताते हुए इस तरह की प्रस्तुति पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित हुआ था और पाठक ने कार्यक्रम तथा राहुल गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी थी।

ब्रजेश पाठक ने उत्तर प्रदेश में 2017 से अब तक प्रति व्यक्ति आय और प्रदेश के बजट में वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि 2017 से अब तक हर व्यक्ति की आय तीन गुनी हुई है और उत्तर प्रदेश का बजट भी तीन गुना हुआ है। यह आंकड़े पाठक के राजनीतिक बयान के संदर्भ में सामने आए हैं। इस रिपोर्ट में इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा रही है।

अंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने का मुद्दा केवल प्रतिमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। राजनीतिक दल इसे सामाजिक न्याय, दलित सम्मान और संविधान से जुड़े व्यापक विमर्श के साथ भी जोड़ते रहे हैं। इस मामले में अखिलेश यादव ने वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल को लेकर दावा किया है, जबकि ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के पूर्व शासनकाल को लेकर पलटवार किया है। दोनों नेताओं के बयानों में अपने-अपने राजनीतिक पक्ष से जुड़े आरोप और दावे हैं।

इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों पक्षों के बयानों को अलग-अलग दर्ज करना महत्वपूर्ण है। अखिलेश यादव की ओर से दिए गए 151 प्रतिमाओं के आंकड़े और कार्रवाई से संबंधित विवरण उनके दावे के रूप में सामने आए हैं। वहीं, ब्रजेश पाठक की ओर से सपा सरकार के कार्यकाल को लेकर लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।