अंबेडकरनगर में बीएसए का औचक निरीक्षण, बच्चों के बीच पहुंचकर खुद पढ़ाया

02 Sep 2026

अंबेडकरनगर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पूनम मिश्रा ने बुधवार को विकासखंड अकबरपुर के कई परिषदीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, मध्याह्न भोजन, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति देखी। इस दौरान बीएसए ने बच्चों से बातचीत की, सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे और एक विद्यालय में कक्षा-3 के विद्यार्थियों को स्वयं हिंदी पढ़ाई।

बीएसए पूनम मिश्रा ने निरीक्षण की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय सम्मोपुर से की। वह सुबह करीब 8:20 बजे विद्यालय पहुंचीं। निरीक्षण के समय विद्यालय में बच्चे और शिक्षक उपस्थित मिले। विद्यालय में मध्याह्न भोजन के तहत तहरी तैयार की जा रही थी। बीएसए ने विद्यालय पहुंचने के बाद बच्चों से बातचीत की और सामान्य ज्ञान से संबंधित सवाल पूछे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद वह कक्षा-3 में पहुंचीं। यहां उन्होंने कुछ समय तक स्वयं हिंदी विषय की कक्षा ली और बच्चों से पाठ पढ़वाया। बच्चों के साथ सीधे संवाद करते हुए उन्होंने उनकी पढ़ाई का स्तर समझने का प्रयास किया। विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद बीएसए ने उपलब्ध व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानाध्यापिका को विद्यालय में शैक्षणिक कार्य को और अधिक मनोयोग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

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इसके बाद सुबह करीब 9 बजे बीएसए अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सिझौली पहुंचीं। यहां उन्होंने विद्यालय परिसर और कक्षाओं की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। विद्यालय का परिसर व्यवस्थित मिला, जिस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक की प्रशंसा की। कक्षाओं में शिक्षण-अधिगम सामग्री और प्रिंटरिच सामग्री व्यवस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान बीएसए ने कक्षा-4 और कक्षा-5 में कुछ समय तक शिक्षण कार्य भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सामान्य जानकारी से संबंधित प्रश्न पूछे और उनकी सहभागिता देखी।

विद्यालय में शिक्षकों की ओर से तैयार किए गए लर्निंग कॉर्नर, सक्रिय पुस्तकालय और अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। बीएसए ने इन व्यवस्थाओं की सराहना की और प्रधानाध्यापक तथा शिक्षकों को बधाई दी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया। इससे विद्यालय में उपलब्ध शिक्षण संसाधनों और कक्षा गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिए जाने की जानकारी सामने आई।

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सिझौली विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बीएसए ने रसोईघर का भी जायजा लिया। उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और रसोईघर में साफ-सफाई की स्थिति को देखा। उन्होंने रसोइयों से बातचीत की और बच्चों के लिए स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था के साथ भोजन व्यवस्था को भी देखा गया। मध्याह्न भोजन सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए संचालित महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में शामिल है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और तैयार किए जा रहे भोजन की स्थिति की जांच की गई।

इसके बाद सुबह करीब 10 बजे बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय मोहसिनपुर का निरीक्षण किया। विद्यालय पहुंचने के समय बच्चे दूध पी रहे थे। बीएसए ने स्वयं दूध की शुद्धता और गुणवत्ता का परीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में मौजूद अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक को विद्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। इस निरीक्षण में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे दूध की गुणवत्ता पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। बीएसए ने मौके पर ही इसकी स्थिति को परखा और विद्यालय प्रशासन को व्यवस्थाओं के संबंध में जरूरी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान बीएसए ने विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छता और पौष्टिक भोजन व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों की कक्षाओं में जाकर शिक्षण कार्य को देखा और विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की। इससे निरीक्षण के दौरान केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जांच ही नहीं, बल्कि कक्षा में चल रहे शिक्षण कार्य और बच्चों की भागीदारी को भी देखा गया। अलग-अलग विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय परिसर की व्यवस्था, शिक्षण सामग्री, पुस्तकालय, लर्निंग कॉर्नर, मध्याह्न भोजन और बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे दूध की गुणवत्ता जैसे बिंदुओं का जायजा लिया गया।