इंजीनियर्स डे पर अम्बेडकरनगर में इंजीनियरों की खास पहल, किया रक्तदान

15 Sep 2026

अम्बेडकरनगर। भारत के महान अभियंता और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती तथा इंजीनियर आर.के. दत्ता के निर्वाण दिवस के अवसर पर मंगलवार को अम्बेडकरनगर के निरीक्षण भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के बड़ी संख्या में इंजीनियरों और विभागीय अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान सर एम. विश्वेश्वरैया के जीवन और देश के विकास में उनके योगदान को याद किया गया। इस अवसर पर इंजीनियरिंग क्षेत्र में उनके योगदान और तकनीकी सोच से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में इंजीनियरों की भूमिका और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर भी विचार रखे गए।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने सर एम. विश्वेश्वरैया के जीवन और इंजीनियरिंग क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं के अनुसार, उन्होंने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश को नई दिशा देने का कार्य किया। उनकी दूरदर्शिता और तकनीकी सोच को आज भी इंजीनियरों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाता है। कार्यक्रम में देश के विकास में इंजीनियरों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। सड़क, पुल, भवन, सिंचाई, विद्युत और अन्य विकास कार्यों में इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता और मेहनत को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बदलते दौर में तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के साथ आगे बढ़ते हुए देश और समाज के विकास के लिए बेहतर कार्य करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

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कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सौरभ सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा सहायक अभियंता चन्द्रप्रकाश, पवन कुमार, वरुण कुमार और सुशील शाह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। इंजीनियर संघ की अध्यक्ष मीरा मौर्य सहित संघ के अन्य पदाधिकारी और इंजीनियर साथी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों की मौजूदगी रही। आयोजन के दौरान इंजीनियरों के बीच आपसी समन्वय और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। तकनीकी क्षेत्र में कार्य करने के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने से जुड़े पहलुओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा रक्तदान शिविर रहा। शिविर में इंजीनियरों ने हिस्सा लेकर रक्तदान किया। ई. परमेश्वर राम और मिथुन कुमार सहित अन्य लोगों ने रक्तदान कर इस अभियान में योगदान दिया। आयोजकों के अनुसार, रक्तदान जरूरतमंद व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी उद्देश्य से इंजीनियर्स डे के आयोजन के साथ रक्तदान शिविर भी रखा गया। रक्तदान शिविर में इंजीनियरों की भागीदारी के माध्यम से सामाजिक सेवा से जुड़ा संदेश दिया गया। आयोजन में तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम के साथ सामाजिक सरोकार को भी शामिल किया गया।

इंजीनियर्स डे के इस कार्यक्रम में इंजीनियरिंग क्षेत्र के योगदान के साथ सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषयों को भी स्थान दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद इंजीनियरों के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि तकनीकी दक्षता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी महत्वपूर्ण है। देश के विकास से जुड़े कार्यों में इंजीनियरों की भूमिका पर वक्ताओं ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से चर्चा की। सड़क और पुल निर्माण से लेकर भवन, सिंचाई और विद्युत परियोजनाओं तक कई क्षेत्रों में इंजीनियरों के तकनीकी योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि बदलते तकनीकी दौर में इंजीनियरों को नई तकनीक के साथ कदमताल करते हुए विकास कार्यों में योगदान जारी रखने की जरूरत है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित इंजीनियरों को इंजीनियर्स डे की बधाई और शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन में सर एम. विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करने के साथ इंजीनियरिंग क्षेत्र की भूमिका पर चर्चा की गई। निरीक्षण भवन में हुए इस कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, इंजीनियर संघ के पदाधिकारियों और अन्य इंजीनियरों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में भी इंजीनियरों ने भाग लिया।