अम्बेडकरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों और शहरों में कूड़ा उठान तथा अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच अम्बेडकरनगर में जमीनी स्तर पर कई समस्याएं सामने आ रही हैं। अकबरपुर नगर के अलग-अलग इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नियमित कूड़ा उठान नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। कई स्थानों पर सड़क किनारे, खाली जमीन और अन्य सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा जमा होने की स्थिति बताई गई है।

बारिश के मौसम में कूड़े के ढेर से दुर्गंध फैलने और आसपास के लोगों को परेशानी होने की बात स्थानीय निवासियों ने कही है। दूसरी ओर, जिले की 899 ग्राम पंचायतों में से 705 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए जाने के बावजूद इनके नियमित संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अकबरपुर नगर में कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड बनाए जाने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे कूड़ा जमा होने की स्थिति बताई गई है। रेलवे स्टेशन के निकट मुरादाबाद मोहल्ले में सड़क किनारे कूड़े का ढेर लगा होने की बात सामने आई है। इसी तरह जौहरडीह की एलआईसी गली में मार्ग के किनारे कूड़ा डंप किया जा रहा है। अयोध्या मार्ग स्थित तिवारीनगर में भी खाली जमीन पर कूड़ा जमा होने की जानकारी दी गई है। बैरमपुर बरवा विद्युत फीडर के पास बने कूड़ा निस्तारण केंद्र पर भी कई दिनों तक कूड़ा पड़े रहने से आसपास के लोगों को परेशानी होने की बात कही गई है।
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फौवारा तिराहे के पास शहजादपुर बाजार से निकलने वाला कूड़ा भी नियमित रूप से उठाए जाने को लेकर शिकायत सामने आई है। स्थानीय स्तर पर बताया गया है कि कूड़े का नियमित उठान नहीं होने के कारण वहां दुकानदारों और राहगीरों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार और आबादी वाले क्षेत्रों में कूड़ा लंबे समय तक पड़ा रहने से दैनिक आवागमन प्रभावित होता है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ने की बात भी कही गई है।

जिले में कुल 899 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 705 ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य गांवों से निकलने वाले कचरे को एकत्र करना और उसका उचित प्रबंधन करना है। इसके लिए कई स्थानों पर कूड़ा ढोने के लिए वाहन भी खरीदे गए हैं। हालांकि, आरोप है कि निर्माण के बाद अधिकतर केंद्रों का नियमित संचालन नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर कूड़ा ढोने के लिए खरीदे गए वाहन पंचायत भवनों या अन्य जगहों पर खड़े दिखाई देते हैं। इससे घरों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग एकत्र करने की व्यवस्था भी प्रभावी रूप से संचालित नहीं होने की शिकायत है। घर-घर से कूड़ा उठाकर उसे अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने पर ग्रामीणों द्वारा खाली स्थानों, गलियों और तालाबों के किनारे कूड़ा फेंके जाने की बात सामने आई है। इससे गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने की समस्या बनी हुई है।

अकबरपुर विकासखंड के सोनगांव में लाखों रुपये की लागत से बने अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के ठप होने की बात सामने आई है। इसके अलावा सोनगांव, ताराखुर्द, कटेहरी के औरंगनगर, जलालपुर के सम्मनपुर, निमटिनी और जैनापुर समेत अन्य ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी केंद्रों के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इन केंद्रों के निर्माण के बाद उनके नियमित उपयोग और संचालन की स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आई हैं।
स्थानीय निवासी बृजेश ने बताया कि वार्डों में नियमित कूड़ा उठान नहीं होने के कारण गलियों में कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। उनके अनुसार बारिश के दौरान इनसे दुर्गंध फैलती है। रामजी पांडेय ने आबादी और मार्गों के किनारे कूड़ा डंप किए जाने की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलोक ने भी नियमित कूड़ा निस्तारण नहीं होने की समस्या बताई। ग्रामीण भागवत के अनुसार गांवों में सफाईकर्मियों की तैनाती के बावजूद घरों से निकलने वाला कूड़ा कई जगह खाली स्थानों और तालाबों के किनारे फेंका जा रहा है।

नगर पालिका परिषद अकबरपुर के ईओ राजमणि वर्मा ने कहा कि शहर में नियमित कूड़ा उठान के लिए सफाईकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार कूड़ा एकत्र करने के बाद उसे डंपिंग ग्राउंड भेजा जाता है। ईओ ने कहा कि लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में बने अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों का संचालन और बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित सफाईकर्मी की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए गए हैं। अम्बेडकरनगर में भी बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में ऐसे केंद्र बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले कचरे को व्यवस्थित तरीके से एकत्र कर उसका निस्तारण करना है। हालांकि, स्थानीय शिकायतों के मुताबिक कई स्थानों पर कूड़ा उठान और केंद्रों के संचालन में अपेक्षित नियमितता नहीं दिखाई दे रही है।
बारिश के दौरान खुले में जमा कूड़े से दुर्गंध की समस्या बढ़ने की बात स्थानीय लोगों ने कही है। सड़क किनारे और आबादी के पास कूड़ा जमा होने से राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाली जगहों और तालाबों के किनारे कूड़ा डाले जाने की शिकायत भी सामने आई है। ऐसे में घरों से कूड़ा उठाने और उसे निर्धारित अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की नियमितता महत्वपूर्ण हो जाती है।
जिले में 705 ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों का निर्माण किए जाने के बाद अब इनके नियमित संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आ रही हैं। शहर में भी कई स्थानों पर नियमित कूड़ा उठान नहीं होने की शिकायत है। अधिकारियों ने व्यवस्था में सुधार, नियमित कूड़ा उठान और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है। वहीं स्थानीय लोगों की शिकायतों के अनुसार कई स्थानों पर कूड़ा जमा होने की समस्या अभी बनी हुई है।