अम्बेडकरनगर में कला उत्सव 2026, 200 विद्यार्थियों ने 12 विधाओं में दिखाई प्रतिभा

09 Sep 2026

अम्बेडकरनगर में जनपद स्तरीय कला उत्सव 2026 का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के करीब 200 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। अकबरपुर स्थित डॉक्टर अशोक कुमार स्मारक इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने संगीत गायन, वादन, नृत्य, नाटक, दृश्य कला और पारंपरिक कहानी वाचन समेत 12 कला विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना और उन्हें भारत की समृद्ध विरासत से जोड़ना बताया गया। आयोजन में विद्यालयों से आए विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शक शिक्षक भी शामिल रहे।

जनपद स्तरीय कला उत्सव 2026 का आयोजन 8 सितंबर को डॉक्टर अशोक कुमार स्मारक इंटर कॉलेज, अकबरपुर में किया गया। कार्यक्रम में अम्बेडकरनगर के विभिन्न विद्यालयों के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कला उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को अलग-अलग कला विधाओं में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम में संगीत गायन और वादन के साथ नृत्य, नाटक तथा दृश्य कला जैसी विधाएं शामिल रहीं। इसके अलावा पारंपरिक कहानी वाचन में भी विद्यार्थियों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, कुल 12 कला विधाओं को कार्यक्रम में शामिल किया गया था। इन विधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक और कलात्मक क्षमताओं को प्रस्तुत करने का मंच मिला।

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कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी कला विधाओं में प्रस्तुतियां दीं। संगीत से जुड़ी विधाओं के अलावा नृत्य, नाटक और दृश्य कला में भी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। पारंपरिक कहानी वाचन भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इसके जरिए विद्यार्थियों को अपनी प्रस्तुति क्षमता के साथ भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पक्षों को सामने रखने का अवसर मिला। कार्यक्रम में शामिल करीब 200 विद्यार्थियों की भागीदारी से जनपद स्तर पर विभिन्न विद्यालयों के छात्रों को एक साझा मंच मिला, जहां उन्होंने अलग-अलग कला विधाओं में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कला उत्सव के उद्देश्य और शिक्षा में कला के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कला उत्सव शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की वर्ष 2015 से संचालित पहल है। इसका उद्देश्य माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानना, उसे प्रोत्साहित करना और शिक्षा में कला को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपनी कला प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलने के साथ उन्हें कला और भारतीय विरासत से जोड़ने के उद्देश्य पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रधानाचार्य राम फूल यादव ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। जनपद नोडल सत्यवती देवी ने निर्णायक मंडल के पारदर्शी एवं निष्पक्ष निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया। विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन हरेंद्र प्रताप यादव ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के लिए गठित निर्णायक मंडल में डॉ. तारा वर्मा, मीरा वर्मा, डॉ. रंजना वर्मा, सुजीत कुमार और समर बहादुर वर्मा शामिल रहे।

कला उत्सव के आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रजनी यादव, संजीव कुमार, रजनी गुप्ता, इंद्रजीत और प्रदीप सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों का विशेष सहयोग बताया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका तिवारी ने किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य जयचंद, नीलम यादव, अंजना वर्मा, डॉ. स्नेहलता और डॉ. तेज प्रताप वर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कला उत्सव का आयोजन माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानने और उसे प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न कला विधाओं में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया।

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से वर्ष 2015 से संचालित इस पहल का उल्लेख कार्यक्रम के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी किया। आयोजन के जरिए विद्यार्थियों को कला के माध्यम से भारतीय विरासत से जोड़ने के उद्देश्य को सामने रखा गया। जनपद स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से करीब 200 विद्यार्थियों की भागीदारी रही। छात्र-छात्राओं ने 12 अलग-अलग कला विधाओं में प्रस्तुतियां दीं, जबकि निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।