अम्बेडकरनगर में सार्वजनिक रास्ते पर बनी दीवार, दो नोटिस के बाद भी नहीं हटी

04 Sep 2026

अम्बेडकरनगर नगरपालिका क्षेत्र की रतनपुर कॉलोनी में सार्वजनिक रास्ते पर बनी एक दीवार को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रास्ते में अवरोध बनी इस दीवार को हटाने के लिए नगरपालिका की ओर से दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक दीवार नहीं हटाई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नगरपालिका ने 6 अगस्त और 12 अगस्त को दीवार हटाने के संबंध में नोटिस जारी किए थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते पर बनी दीवार के कारण रास्ते से जुड़ा निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। मामले को लेकर नगरपालिका में अतिक्रमण संबंधी कार्य देखने वाले एक बाबू की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआत में दीवार हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया, लेकिन बाद में संबंधित कर्मचारी के रुख में बदलाव आया।

रतनपुर कॉलोनी में सार्वजनिक रास्ते पर बनी दीवार को हटाने को लेकर नगरपालिका की ओर से 6 अगस्त और 12 अगस्त को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नोटिस जारी होने के बावजूद मौके पर दीवार बनी हुई है। मामले में सबसे प्रमुख सवाल यही है कि जब नगरपालिका की ओर से रास्ते में अवरोध को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं, तो उसके बाद दीवार हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में नगरपालिका की ओर से दीवार नहीं हटाए जाने का कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दीवार सार्वजनिक रास्ते के इस्तेमाल और वहां होने वाले निर्माण कार्य में अड़चन पैदा कर रही है। उनका कहना है कि रास्ता सार्वजनिक उपयोग के लिए है और इसमें किसी तरह का अवरोध होने पर संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

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इस मामले में नगरपालिका में अतिक्रमण संबंधी कार्य देखने वाले एक बाबू की भूमिका को लेकर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। आरोप है कि संबंधित बाबू ने पहले दीवार हटाने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन बाद में अपने रुख से पलट गए। स्थानीय लोगों की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी में संबंधित कर्मचारी का पक्ष भी सामने नहीं आया है। ऐसे में इन आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी सरकारी कर्मचारी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच या आधिकारिक कार्रवाई के आधार पर ही की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में ऐसी किसी जांच या कार्रवाई का विवरण नहीं है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार के कारण सार्वजनिक रास्ते का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, रास्ते में अवरोध होने से निर्धारित काम में परेशानी पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि जांच में यह पाया जाता है कि दीवार सार्वजनिक रास्ते की जमीन या रास्ते के इस्तेमाल में अवरोध पैदा कर रही है, तो नगरपालिका को अपने जारी किए गए नोटिस के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी चाहिए। इस मामले में दीवार की वास्तविक स्थिति, उसके निर्माण की अनुमति और संबंधित भूमि की स्थिति से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए इन पहलुओं के संबंध में कोई अतिरिक्त निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

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स्थानीय लोगों ने यह आरोप भी लगाया है कि पैसे लेकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी में इस संबंध में कोई दस्तावेजी प्रमाण या नगरपालिका की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस तरह के आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष और उपलब्ध दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल यह आरोप स्थानीय लोगों की ओर से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मामले में 6 अगस्त और 12 अगस्त को जारी किए गए दो नोटिस का उल्लेख सामने आया है। इसके बावजूद दीवार हटाए जाने की कार्रवाई नहीं होने की बात स्थानीय लोगों की ओर से कही गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दीवार सार्वजनिक रास्ते में अवरोध है, तो नगरपालिका को नोटिस के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नगरपालिका की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई, दीवार हटाने की समयसीमा या संबंधित कर्मचारी के खिलाफ किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।