अंबेडकरनगर में बारिश-तेज हवाओं से फसलों को नुकसान, प्रशासन ने शुरू किया सर्वे

27 Sep 2026

अंबेडकरनगर जिले में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के बीच खेतों में खड़ी फसलों के प्रभावित होने की सूचना सामने आई है। किसानों की फसलों को हुए संभावित नुकसान का वास्तविक आकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने सर्वे की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों की निगरानी में संबंधित टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर खेतों की स्थिति का जायजा ले रही हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। राजस्व और संबंधित विभागों की गठित टीमें भी गांव-गांव पहुंचकर प्रभावित खेतों का स्थलीय निरीक्षण कर रही हैं। इस दौरान फसलों की स्थिति और संभावित क्षति से जुड़ी जानकारी दर्ज की जा रही है।

प्रशासन की ओर से फसल क्षति के सर्वे के लिए संबंधित विभागों की टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें प्रभावित गांवों में जाकर खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। बारिश और तेज हवाओं के कारण जिन खेतों में फसल प्रभावित हुई है, वहां स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य प्रभावित फसलों की वास्तविक स्थिति और नुकसान का आंकलन तैयार करना है। इसके लिए खेतों में जाकर फसल की स्थिति को देखा और दर्ज किया जा रहा है। प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों में फसलों को हुए संभावित नुकसान की जानकारी जुटाई जा सके।

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जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जिले के सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फसल क्षति के आकलन की निगरानी करने के लिए कहा गया है। अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और स्थलीय निरीक्षण की प्रक्रिया को देख रहे हैं। स्थलीय निरीक्षण के दौरान खेतों में पहुंचकर फसल की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। जिन स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे रहा है, वहां क्षति से संबंधित विवरण सर्वे में शामिल किया जा रहा है।

लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर खेतों में खड़ी फसलों के प्रभावित होने की जानकारी प्रशासन के सामने आई है। कुछ खेतों में फसलें गिरने की स्थिति भी सामने आई है। प्रशासन की सर्वे टीमों द्वारा ऐसे खेतों का निरीक्षण किया जा रहा है। प्रभावित किसानों और फसलों से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जा रही है, जिससे जिले में फसल क्षति की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अभी जिले में कुल कितने क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है या किसानों को कितने रुपये का नुकसान हुआ है, इसका कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

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फसल क्षति के आकलन की प्रक्रिया के तहत प्रशासनिक टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जानकारी एकत्र कर रही हैं। खेतों का निरीक्षण और प्रभावित फसलों की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद प्रशासन के पास बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित फसलों की स्थिति से संबंधित विस्तृत आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फसल क्षति का सर्वे और आकलन नियमानुसार किया जाएगा। इसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सर्वे के दौरान प्रभावित किसानों की स्थिति और खेतों में फसलों को हुए नुकसान को दर्ज किया जा रहा है। प्रशासन की टीमें क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रही हैं, जिससे प्रभावित इलाकों से जानकारी जुटाई जा सके। खेतों में गिरी फसलों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर उपलब्ध स्थिति के आधार पर फसल क्षति का आकलन तैयार कर रही हैं।