अंबेडकरनगर में परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने अधिकारियों को जरूरी कमियों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने ब्लॉकवार विद्यालयों की स्थिति की जानकारी ली और शिक्षा, बिजली, पंचायत राज तथा विकास विभाग से जुड़े अधिकारियों को समन्वय के साथ व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने को कहा।
बैठक में विद्यालयों में बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई, जलभराव, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। जर्जर भवनों वाले विद्यालयों में सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। वहीं, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में आगामी तीन दिनों के भीतर विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में सामने आ रही कमियों का जल्द से जल्द निराकरण कराया जाए। इसके लिए प्रधानाध्यापकों, विभागीय अधिकारियों और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
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समीक्षा के दौरान ब्लॉकवार विद्यालयों की स्थिति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि बच्चों को शिक्षा के साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हों। उन्होंने बिजली, पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और क्रियाशील बनाए रखने के निर्देश दिए।
विद्यालयों में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति को भी समीक्षा में प्रमुखता से लिया गया। जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता विद्युत और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में बिजली की समस्या है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
विद्यालयों में बिजली की उपलब्धता को बच्चों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों और आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा गया है। ऐसे में प्रशासन ने संबंधित विभागों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए हैं।
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जिलाधिकारी ने सभी विद्यालय परिसरों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसर में जलभराव की स्थिति नहीं बनने दी जाए। किसी विद्यालय में जलभराव होने की स्थिति में संबंधित खंड विकास अधिकारी को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने को कहा गया।
इसके साथ ही विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत निर्धारित सभी मानकों को पूरा कराने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन की समीक्षा में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को व्यवस्थित रखने और कमियों का समयबद्ध तरीके से निराकरण कराने की बात प्रमुख रही।
विद्यालय परिसरों में मौजूद जर्जर भवनों को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए। ऐसे भवनों पर “प्रवेश निषेध, भवन जर्जर है” की पेंटिंग कराने को कहा गया, ताकि विद्यार्थियों और अन्य लोगों को वहां प्रवेश से रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जर्जर भवनों को चिन्हित कर उनके आसपास आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश भी इसी क्रम में दिए गए हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की समीक्षा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि आगामी तीन दिनों के भीतर सभी कस्तूरबा विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों की टीमें भेजकर विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
अभियान के तहत विद्यालय परिसर और उसके आसपास की सफाई कराने, बड़े कूड़ेदान लगवाने तथा नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य विद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाए रखना है।
जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का नियमित भ्रमण करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान शैक्षणिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का निरीक्षण करने और जरूरत के अनुसार व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को कहा गया।
निर्देशों में यह सुनिश्चित करने पर जोर रहा कि छात्राओं के लिए उपलब्ध आवासीय, स्वच्छता, बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं व्यवस्थित रूप से संचालित होती रहें।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल और स्वच्छता सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं ठीक और क्रियाशील रहनी चाहिए।
उन्होंने शिक्षक और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने को कहा। बैठक में विद्यालयों की व्यवस्थाओं की निगरानी और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान विद्यालयों के अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने को कहा।
उन्होंने छात्रावासों में आवासीय व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति और पेयजल समेत सभी आवश्यक सुविधाओं को सुचारु रखने के निर्देश दिए। इस दौरान छात्रावासों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी निगरानी रखने की बात कही गई।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी सविता सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट थनिगईयरसन टी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पूनम मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी उपेन्द्र पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में विद्यालयों की व्यवस्थाओं से जुड़ी कमियों की समीक्षा और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गईं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में तीन दिन के भीतर विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्देश इस समीक्षा के प्रमुख निर्णयों में शामिल रहा।