सघन तलाशी के बाद मिला प्रवेश, अंबेडकरनगर के 12 केंद्रों पर मुख्य परीक्षा शुरू

23 Aug 2026

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से आयोजित अवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा रविवार को अंबेडकरनगर जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। परीक्षा को लेकर केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश देने से पहले गेट पर सघन तलाशी और गहन जांच से गुजरना पड़ा।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार अभ्यर्थियों की जांच की गई। प्रशासन और परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे कि परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी तरह की अनुचित सामग्री न पहुंच सके।

परीक्षा शुरू होने से पहले ही जिले के विभिन्न केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी थी। अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के तहत केंद्रों पर पहुंचे। प्रवेश के दौरान प्रत्येक परीक्षार्थी की गहन जांच की गई।

यह खबर भी पढ़े - बारिश के बीच अम्बेडकरनगर में 292 जोड़ों का सामूहिक विवाह, शिवबाबा धाम में लिए सात फेरे

परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष तक जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों ने निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई। अभ्यर्थियों की जांच का उद्देश्य परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री के प्रवेश को रोकना और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना था।

अंबेडकरनगर जिले में परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। केंद्रों के आसपास निगरानी बनाए रखने के साथ-साथ प्रवेश प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया गया।

यह खबर भी पढ़े - अम्बेडकरनगर में लेखपालों ने किया थाना समाधान दिवस का बहिष्कार, एसीओ कार्रवाई का विरोध

परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों और अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रों पर आने वाले अभ्यर्थियों की जांच निर्धारित नियमों के अनुरूप की गई। जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक निगरानी के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट की व्यवस्था की गई। केंद्रों पर परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी की गई और अधिकारियों को आयोग की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए।

स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी का उद्देश्य परीक्षा केंद्र पर चल रही प्रक्रिया पर प्रशासनिक निगरानी बनाए रखना था। इसके साथ ही परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को भी पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को आयोग की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए।

प्रवेश से पहले की गई सघन तलाशी भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रही। प्रशासन का फोकस परीक्षा केंद्रों के भीतर ऐसी किसी भी सामग्री या गतिविधि को रोकने पर रहा, जिससे परीक्षा की निर्धारित प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। परीक्षा केंद्रों पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों को भी अभ्यर्थियों की जांच के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे।

अवर अधीनस्थ सेवा मुख्य परीक्षा जैसी चयन प्रक्रिया में परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थाएं लागू की गईं। अंबेडकरनगर में भी प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया से लेकर परीक्षा संचालन तक निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया।

परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुरूप प्रवेश दिया जाए और परीक्षा के दौरान आयोग के निर्देशों का पालन हो।

सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा शुरू होने के बाद भी केंद्रों पर निगरानी जारी रही। प्रशासन की ओर से तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के निर्देश दिए गए थे।

परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों और पुलिस बल के बीच समन्वय के साथ व्यवस्था लागू की गई। पुलिसकर्मियों की तैनाती से परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा बनाए रखने पर ध्यान दिया गया, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने परीक्षा संचालन की निगरानी की।

केंद्रों पर प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की जांच को परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रखा गया। निर्धारित मानकों के अनुसार जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचा