‘अखिलेश बाबू आप एकदम्मे चुप्पी साधे हैं...’, अमेठी विवाद पर ओपी राजभर का सपा पर हमला

28 May 2026

 

उत्तर प्रदेश के अमेठी में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है। सपा विधायक महाराजी देवी के आवास पर हंगामे और मारपीट के आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।

 

मंत्री ओपी राजभर ने एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में गैर यादव पिछड़ों और दलितों को सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की महिला विधायक के साथ कथित मारपीट और धमकी की घटना पर पार्टी नेतृत्व चुप्पी साधे हुए है। राजभर ने अपने बयान में कहा, “अखिलेश यादव, अब तो साफ हो गया कि समाजवादी पार्टी में गैर यादव पिछड़ों और दलितों की औकात सिर्फ झंडा-झोला ढोने, दरी बिछाने और वोट देने तक ही है। सम्मान, सुरक्षा और सत्ता में ‘पहिला दावा अहिर’… बाकी जाएं भाड़ में।”

 

उन्होंने आगे कहा कि विधायक का बेटा कैमरे पर कुछ लोगों के नाम लेकर आरोप लगा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजभर ने अखिलेश यादव की तुलना महाभारत के पात्र धृतराष्ट्र से करते हुए कहा कि वह “यादव मोह” में आंखें मूंदे हुए हैं। मंत्री ने सपा की PDA राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गैर यादव पिछड़ों और दलितों को केवल चुनावी नारों तक सीमित रखा गया है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सपा की वास्तविक राजनीति और उसके सार्वजनिक नारों में अंतर है।

 

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार मंगलवार रात अमेठी कोतवाली क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी स्थित सपा विधायक महाराजी देवी के घर के बाहर हंगामा हुआ। विधायक परिवार का आरोप है कि दो स्कॉर्पियो और कई मोटरसाइकिलों से पहुंचे दो दर्जन से अधिक लोगों ने गाली-गलौज की, धमकियां दीं और विरोध करने पर मारपीट की। परिवार का यह भी आरोप है कि घटना का वीडियो बनाए जाने पर मोबाइल फोन छीन लिया गया। विधायक के बेटे अनुराग प्रजापति ने अमेठी कोतवाली में शिकायत देकर जय सिंह प्रताप यादव, शेर बहादुर यादव और बलराम यादव समेत कई लोगों को नामजद किया है।

 

स्थानीय स्तर पर इस विवाद को समाजवादी पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि महाराजी देवी को टिकट मिलने के बाद कुछ स्थानीय नेताओं में नाराजगी थी, जिसे लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। इस पूरे मामले में जय सिंह यादव का नाम भी चर्चा में है। स्थानीय राजनीति में उन्हें सपा नेतृत्व के करीबी नेताओं में गिना जाता है। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें कई बार अखिलेश यादव और उनके परिवार के साथ भी दिखाई देती रही हैं।

 

घटना के बाद पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी पर लगातार हमलावर हैं। वहीं अब नजर इस बात पर टिकी है कि सपा नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और पार्टी स्तर पर किसी प्रकार की कार्रवाई होती है या नहीं।