एमिटी यूनिवर्सिटी के खाते से 5.20 करोड़ की ठगी का खुलासा, छह साल से फरार आरोपी बैतूल से गिरफ्तार

30 May 2026

 

दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू ने एमिटी यूनिवर्सिटी के खाते से फर्जी चेकों के माध्यम से 5.20 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में करीब छह साल से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के बैतूल जिले निवासी सुदामा नरवारे के रूप में हुई है। ईओडब्ल्यू के उपायुक्त सुबोध कुमार गोस्वामी के अनुसार, जनवरी 2020 में संसद मार्ग स्थित इलाहाबाद बैंक के एजीएम की शिकायत पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में बताया गया था कि अगस्त 2019 में एमिटी यूनिवर्सिटी की ओर से जारी बताए गए तीन चेक बैंक में क्लियरेंस के लिए प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन जांच में वे फर्जी पाए गए।

 

पुलिस के मुताबिक, तीन में से दो चेक आईसीआईसीआई बैंक के माध्यम से क्लियर हो गए थे, जिसके बाद कुल 5.20 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। हालांकि तीसरा चेक इंडसइंड बैंक में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन समय रहते भुगतान रोक दिए जाने से संभावित नुकसान टल गया। मामले की जांच के दौरान बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 2.50 करोड़ रुपये गुजरात के वडोदरा स्थित एनएस इंफ्रास्ट्रक्चर नामक फर्म के खाते में भेजे गए थे। वहीं 2.70 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के बैतूल स्थित मां ताप्ती मानव सेवा संस्थान नामक ट्रस्ट/एनजीओ के बैंक खाते में जमा कराए गए थे।

 

जांच अधिकारियों के अनुसार, एनजीओ के खाते में पहुंची रकम में से 2.07 करोड़ रुपये बाद में वडोदरा की एक अन्य फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद धनराशि को विभिन्न खातों के माध्यम से घुमाकर उसके स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया। ईओडब्ल्यू के अनुसार, सुदामा नरवारे मां ताप्ती मानव सेवा संस्थान का सचिव और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था। जिस बैंक खाते में 2.70 करोड़ रुपये जमा हुए थे, उसका संचालन भी वही कर रहा था। आरोप है कि उसने 2.07 करोड़ रुपये दूसरे आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए और धनराशि को आगे विभिन्न शेल कंपनियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

पुलिस टीम ने बैतूल जिले के एक दूरदराज क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी पता चला है कि सुदामा नरवारे 12वीं तक शिक्षित है और पूर्व में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के कार्यालय में कार्य कर चुका है। मामले में आगे की जांच जारी है।