लखनऊ। मल्हौर स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में बीए-एलएलबी द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने सहपाठियों और कुछ अन्य युवकों पर मारपीट, धमकी देने तथा पिस्टल दिखाकर उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। छात्र के मुताबिक, घटना से पहले क्लास में विवाद और गाली-गलौज हुई थी। इसके बाद कुछ युवकों को बुलाया गया और उसे घेर लिया गया।
छात्र का आरोप है कि युवकों ने उसे डराने के लिए पिस्टल दिखाई और एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। उसने इसका विरोध किया और किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहा। छात्र के अनुसार, घटना के बाद भी उसे धमकाया गया और कॉलेज परिसर के बाहर मिलने पर जान से मारने की बात कही गई। घटना को लेकर छात्र ने पुलिस से शिकायत की है। मामला चिनहट थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
छात्र के अनुसार, घटनाक्रम की शुरुआत क्लास में हुए विवाद से हुई। बताया गया है कि किसी बात को लेकर छात्र और कुछ सहपाठियों के बीच विवाद हुआ और गाली-गलौज तक की स्थिति पहुंच गई। छात्र का आरोप है कि क्लास में हुए इस विवाद के बाद मामला वहीं समाप्त नहीं हुआ। इसके बाद कुछ सहपाठियों ने अन्य युवकों को भी अपने साथ बुला लिया। कुछ समय बाद उसे कई लोगों ने घेर लिया।
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शिकायत के मुताबिक, आरोपियों की संख्या अधिक होने के कारण छात्र ने खुद को असुरक्षित महसूस किया। छात्र का कहना है कि उसे घेरने के बाद उस पर दबाव बनाया गया और स्थिति तेजी से गंभीर हो गई। छात्र ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे डराने के लिए पिस्टल दिखाई गई। इसके बाद युवकों ने उसे एक स्कॉर्पियो गाड़ी की ओर ले जाने और उसमें बैठाने का प्रयास किया।
छात्र के मुताबिक, वह आरोपियों के साथ जाने के लिए तैयार नहीं था और उसने इसका विरोध किया। उसने वहां से निकलने की कोशिश की और आखिरकार आरोपियों के चंगुल से बचकर निकलने में सफल रहा। मामले में फिलहाल यह आरोप छात्र की शिकायत पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, कितने लोग इसमें शामिल थे और हथियार का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
छात्र का आरोप है कि जब उसे गाड़ी में बैठाकर ले जाने की कोशिश सफल नहीं हुई और वह वहां से निकल गया, तब भी उसे धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, उसे कॉलेज परिसर के बाहर मिलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। छात्र ने आरोप लगाया है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद छात्र ने पुलिस से शिकायत कर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।
घटना में छात्र की ओर से हथियार दिखाने और जबरन वाहन में बैठाने के प्रयास का आरोप लगाए जाने के बाद विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में आ सकती है। मामले में यह भी स्पष्ट किया जाना बाकी है कि छात्र को घेरने वाले सभी लोग विश्वविद्यालय के छात्र थे या उनके साथ बाहरी युवक भी मौजूद थे। छात्र की शिकायत में सहपाठियों के साथ अन्य युवकों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस जांच में घटना के समय मौजूद लोगों की पहचान और उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि रूप से इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो किसकी थी और घटना के समय उसमें कौन-कौन मौजूद था। पुलिस के लिए विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। फुटेज से घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों, वाहनों की आवाजाही और घटनाक्रम की स्थिति की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।
यदि घटना विश्वविद्यालय परिसर के किसी ऐसे हिस्से में हुई है जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो उनकी रिकॉर्डिंग से शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच में सहायता मिल सकती है। पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि घटना से पहले और उसके बाद कौन-कौन से लोग मौके पर मौजूद थे। वाहन की पहचान और उससे जुड़े लोगों की जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
मामला चिनहट थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। छात्र की शिकायत के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में पुलिस के सामने कई बिंदु महत्वपूर्ण हैं। इनमें क्लास में विवाद शुरू होने की वजह, विवाद के बाद मौके पर पहुंचे लोगों की पहचान, छात्र को घेरने की घटना, पिस्टल का प्रदर्शन, स्कॉर्पियो में बैठाने का प्रयास और बाद में दी गई धमकी शामिल हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे और उनमें से कौन विश्वविद्यालय के छात्र हैं तथा कौन बाहरी व्यक्ति हैं। फिलहाल छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। शिकायत में पिस्टल दिखाने, जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इन आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। जांच के दौरान मौके पर उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, वाहन की जानकारी और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की पुष्टि की जा सकती है। पुलिस के स्तर से जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि छात्र को किसने घेरा, घटना में कितने लोग शामिल थे और क्या वास्तव में पिस्टल दिखाकर उसे स्कॉर्पियो में बैठाने का प्रयास किया गया था।