पंजाब के अमृतसर में कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार संचालित एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से सात अत्याधुनिक पिस्तौल और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से विदेश में बैठे हथियार तस्करों के संपर्क में थे और उनके जरिए अवैध हथियारों की खेप मंगाते थे।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेश में सक्रिय हथियार तस्करों के संपर्क में थे। इन्हीं माध्यमों से कथित तौर पर सीमा पार से अवैध हथियारों की खेप मंगाने की व्यवस्था की जाती थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितनी खेप भारत पहुंची और किन-किन लोगों तक इन हथियारों की आपूर्ति की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की भूमिका केवल हथियार हासिल करने तक सीमित नहीं थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध हथियारों को आगे पंजाब और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों तक पहुंचाने का काम भी इसी नेटवर्क के माध्यम से किया जाता था। जांच के दौरान इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात अत्याधुनिक पिस्तौल और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।
इस मामले में अमृतसर के थाना सुल्तानविंड में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की पिछली और अगली कड़ियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही उन लोगों की पहचान भी की जा रही है जो इस अवैध हथियार तस्करी श्रृंखला से जुड़े हो सकते हैं।
पंजाब पुलिस ने कहा है कि राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी, संगठित अपराध और सीमा पार संचालित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष अभियान आगे भी चलाए जाएंगे।