कंप्यूटर लैब से एचपीवी टीकाकरण तक, बाराबंकी की बेटियों के लिए राज्यपाल की नई पहल

02 Jun 2026

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी), बाराबंकी में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा स्थापित कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया और सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कुल 40 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। राज्यपाल ने इस अवसर पर बालिकाओं से संवाद कर उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी ली।

 

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं को शैक्षणिक किट वितरित की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार भी है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ कंप्यूटर शिक्षा और व्यावसायिक कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि बदलते समय में शिक्षा के साथ कौशल विकास भी उतना ही आवश्यक है, जिससे युवाओं को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

 

राज्यपाल ने बालिकाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेहंदी कला, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण और पाककला जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बालिकाओं के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण नियमित रूप से संचालित किया जाए और उन्हें सीसीसी परीक्षा की तैयारी भी कराई जाए। साथ ही कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं की परीक्षाएं संबंधित विद्यालयों में कराने के निर्देश दिए गए ताकि वे सामान्य विद्यार्थियों की तरह प्रतिस्पर्धी वातावरण में भाग ले सकें।

 

राज्यपाल ने कहा कि बालिका गृह केवल आश्रय स्थल नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे शिक्षा, संस्कार, आत्मनिर्भरता और व्यक्तित्व विकास का केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को पुस्तकालय, कंप्यूटर शिक्षा, पेंटिंग, लेखन, सांस्कृतिक गतिविधियों, जूडो-कराटे और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कौशल विकास कार्यक्रम चलाने, पौष्टिक भोजन और दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बालिकाओं के शैक्षिक भ्रमण आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।

 

सर्वाइकल कैंसर जागरूकता अभियान के तहत एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया। राज्यपाल ने कहा कि बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार, योगाभ्यास और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन कक्षाओं, जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास से जुड़े व्याख्यान आयोजित करने के लिए भी कहा।

 

राज्यपाल ने कहा कि बालिकाओं के साथ हमेशा संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने वार्डनों को अभिभावक की भूमिका निभाने और किशोरियों के शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

 

राज्य सरकार और विभिन्न संस्थानों द्वारा हाल के वर्षों में बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। एचपीवी टीकाकरण अभियान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है, जबकि कंप्यूटर शिक्षा डिजिटल कौशल विकसित करने में मददगार साबित हो सकती है।

 

FAQs

प्रश्न 1: एचपीवी टीकाकरण अभियान कहां शुरू किया गया?
उत्तर: राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी), बाराबंकी में।

प्रश्न 2: कार्यक्रम में कितनी बालिकाओं को वैक्सीन लगाई गई?
उत्तर: कुल 40 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन दी गई।

प्रश्न 3: कंप्यूटर लैब किस संस्थान द्वारा स्थापित की गई?
उत्तर: डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा।

प्रश्न 4: राज्यपाल ने किन कौशल प्रशिक्षणों पर जोर दिया?
उत्तर: सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेहंदी कला, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण और पाककला सहित कई रोजगारपरक कौशलों पर।

प्रश्न 5: राज्यपाल ने बालिका गृह के बारे में क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि बालिका गृह केवल आश्रय स्थल नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का केंद्र होना चाहिए।