नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 के दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने पूर्व आम आदमी पार्टी पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपितों को दोषी ठहराया है। अदालत के इस फैसले के बाद 25 फरवरी 2020 की उस घटना की एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
अदालत ने जिन पांच आरोपितों को दोषी करार दिया है, उनमें ताहिर हुसैन के अलावा हसीन उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान, नाजिम, कासिम और समीर खान शामिल हैं। मामले की सुनवाई 11 आरोपितों के खिलाफ चल रही थी, जिनमें से पांच को दोषी ठहराया गया। अब अदालत दोषियों की सजा पर अलग से फैसला सुनाएगी।
इंटेलिजेंस ब्यूरो में कार्यरत अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को अपने कार्यालय से घर लौटे थे। परिवार के अनुसार, कुछ देर बाद वे दोबारा घर से बाहर निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

अगले दिन उनका शव उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग पुलिया क्षेत्र के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ। यह घटना उस समय हुई थी जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा और तनाव का माहौल था।

जांच के दौरान सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अंकित शर्मा के शरीर पर 50 से अधिक गहरे चोटों के निशान पाए गए थे। आरोप है कि उन्हें भीड़ ने घेरकर धारदार हथियारों, लोहे की सरियों और डंडों से हमला किया। बाद में शव को नाले में फेंक दिया गया। पुलिस की चार्जशीट में भी उल्लेख किया गया कि अंकित शर्मा को पकड़कर उनके साथ मारपीट की गई और उन पर कई बार धारदार हथियारों से वार किए गए।
यह मामला अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायत में बताया गया था कि अंकित शर्मा घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटे थे। बाद में उनका शव चांद बाग पुलिया क्षेत्र में एक मस्जिद के पास स्थित खजूरी खास नाले से बरामद किया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया था।
अंकित शर्मा के भाई अंकुर ने घटना को याद करते हुए कहा कि परिवार इस घटना को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या केवल हिंदू होने के कारण की गई। अंकुर ने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने तक परिवार न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।
क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने कहा कि यह उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक था। उनके अनुसार मामले की विस्तृत जांच क्राइम ब्रांच ने की, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपितों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति मिलने के बाद पुलिस आगे की जानकारी साझा करेगी।
अंकित शर्मा हत्याकांड वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है। इस मामले की सुनवाई पिछले कई वर्षों से चल रही थी। अदालत द्वारा पांच आरोपितों को दोषी ठहराए जाने के बाद अब सभी की नजरें सजा पर होने वाले अगले फैसले पर हैं।