>टेक वर्ल्ड में जारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस में ऐप्पल को एक और बड़ा झटका लगा है। कंपनी के AI सर्च प्रोजेक्ट हेड के यांग (Ke Yang) ने ऐप्पल को अलविदा कह दिया है और अब वे मेटा (Meta) से जुड़ने जा रहे हैं। यांग वही अधिकारी हैं जिन्हें हाल ही में सिरी (Siri) को नया AI-जनरेटिव रूप देने वाले Answer, Knowledge & Information (AKI) प्रोजेक्ट की कमान सौंपी गई थी। यह कदम न केवल ऐप्पल की AI स्ट्रैटेजी के लिए झटका है, बल्कि कंपनी की पहले से धीमी चल रही सिरी अपग्रेड योजनाओं को भी झटका दे सकता है।
>कुछ हफ्ते पहले ही यांग को प्रमोट कर ऐप्पल के नए AKI ग्रुप का प्रमुख बनाया गया था। यह टीम सिरी को ChatGPT जैसी क्षमता देने पर काम कर रही थी, ताकि उपयोगकर्ता प्राकृतिक संवाद शैली में सवाल पूछकर जवाब पा सकें। यांग इससे पहले भी सर्च टीम का नेतृत्व कर चुके थे और मशीन लर्निंग एवं AI रणनीति के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को रिपोर्ट करते थे। लेकिन अब उनके अचानक कंपनी छोड़ने से ऐप्पल की पूरी AI अपग्रेड रोडमैप पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
>जहां ऐप्पल टैलेंट लॉस से जूझ रही है, वहीं मेटा तेजी से AI टैलेंट को अपने साथ जोड़ने में जुटी है। कंपनी ने हाल के महीनों में OpenAI, Google DeepMind, Anthropic और Apple जैसी दिग्गज कंपनियों से टॉप AI एक्सपर्ट्स को हायर किया है। खबरों के मुताबिक, खुद मार्क जुकरबर्ग AI सुपरइंटेलिजेंस लैब्स की हायरिंग पर नजर रखे हुए हैं। मेटा अब तक करीब 50 AI वैज्ञानिकों को अपने साथ जोड़ चुकी है। हाल ही में कंपनी ने “थिंकिंग मशीन लैब्स” के को-फाउंडर एंड्रयू टुलॉक को भी हायर किया है, जिससे AI रेस में मेटा की स्थिति और मजबूत हो गई है।
>पिछले एक साल में ऐप्पल के कई सीनियर अधिकारी कंपनी छोड़ चुके हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि ऐप्पल अभी भी अपनी AI स्ट्रैटेजी को लेकर स्पष्ट दिशा नहीं दिखा पा रही है। जहां गूगल, ओपनएआई और मेटा जैसी कंपनियां AI नवाचार में तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं, वहीं ऐप्पल अपने पारंपरिक प्रोडक्ट-फोकस्ड मॉडल में फंसी हुई दिखाई दे रही है। ऐप्पल की योजना मार्च 2026 तक सिरी का अपग्रेडेड संस्करण लॉन्च करने की है, लेकिन यांग के जाने से अब यह समयसीमा और आगे खिसक सकती है।