अम्बेडकरनगर। लोरपुर स्थित महाराजा सुहेलदेव राजभर वंशीय ऐतिहासिक अष्टखंभा स्तूप के कायाकल्प और पर्यटन विकास की औपचारिक शुरुआत हो गई है। सदस्य विधान परिषद डॉ. हरिओम पाण्डेय ने विधि-विधान से भूमि पूजन और शिलान्यास कर परियोजना का शुभारंभ किया। इस परियोजना के लिए पर्यटन विभाग की ओर से 1 करोड़ 5 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
परियोजना के तहत अष्टखंभा स्तूप परिसर में पर्यटकों के लिए कई आधारभूत और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया जाना है। इनमें सामुदायिक हॉल, सर्वसुविधायुक्त यात्री प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, आधुनिक शौचालय ब्लॉक, इंटरलॉकिंग पाथवे, बैठने के लिए बेंच और बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए उच्च गुणवत्ता वाली एलईडी लाइटें शामिल हैं।
अष्टखंभा स्तूप को ऐतिहासिक और सामाजिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने तथा इसके विकास के लिए एमएलसी डॉ. हरिओम पाण्डेय पिछले दो वर्षों से प्रयासरत थे। उनके प्रस्ताव के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के निर्देशानुसार पर्यटन विभाग ने परियोजना के लिए 1 करोड़ 5 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की। परियोजना के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सौंपी गई है। इसके माध्यम से स्तूप परिसर में प्रस्तावित निर्माण और विकास कार्य कराए जाएंगे।
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परियोजना की स्वीकृति और शिलान्यास के साथ अष्टखंभा स्तूप परिसर में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार का काम औपचारिक रूप से आगे बढ़ गया है। प्रस्तावित कार्यों में परिसर की उपयोगिता और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
अष्टखंभा स्तूप के पर्यटन विकास की परियोजना में सामुदायिक हॉल का निर्माण प्रमुख कार्यों में शामिल है। इसके साथ ही पर्यटकों और आगंतुकों के लिए सर्वसुविधायुक्त यात्री प्रतीक्षालय भी तैयार किया जाएगा।
प्रतीक्षालय और सामुदायिक हॉल के निर्माण से परिसर में आने वाले लोगों के लिए निर्धारित सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। परियोजना में केवल भवन निर्माण ही नहीं, बल्कि परिसर में सार्वजनिक उपयोग की दूसरी आधारभूत सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।
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पर्यटन विकास योजना के तहत अष्टखंभा स्तूप परिसर में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा आधुनिक शौचालय ब्लॉक भी बनाया जाएगा। पर्यटन स्थलों पर आगंतुकों के लिए पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं बुनियादी जरूरतों में शामिल होती हैं। अष्टखंभा स्तूप की परियोजना में इन सुविधाओं को भी निर्माण कार्य का हिस्सा बनाया गया है।
परिसर के विकास के लिए इंटरलॉकिंग पाथवे का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके साथ पर्यटकों और अन्य आगंतुकों के बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी। पाथवे और बैठने की व्यवस्था को परियोजना के आधारभूत ढांचे में शामिल किया गया है। इसके अलावा पूरे परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए उच्च गुणवत्ता वाली एलईडी लाइटें लगाए जाने की योजना है।
एमएलसी डॉ. हरिओम पाण्डेय के अनुसार, विधान परिषद क्षेत्र विकास निधि से पहले भी करीब 30 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं। अब पर्यटन विभाग की ओर से स्वीकृत 1.05 करोड़ रुपये की परियोजना के माध्यम से परिसर में विकास कार्यों का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
इससे अष्टखंभा स्तूप के परिसर में प्रस्तावित नई सुविधाओं के निर्माण के लिए अलग से बजट उपलब्ध हुआ है। परियोजना का संचालन निर्धारित कार्यदायी संस्था के माध्यम से किया जाएगा।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान एमएलसी डॉ. हरिओम पाण्डेय ने परियोजना की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि अष्टखंभा स्तूप के विकास से इसे पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
यह बयान परियोजना के उद्देश्यों और इसके लिए किए गए प्रयासों के संदर्भ में दिया गया। शिलान्यास के बाद अब पर्यटन विभाग से स्वीकृत बजट के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाना है।
अष्टखंभा स्तूप को लोरपुर स्थित महाराजा सुहेलदेव राजभर वंशीय ऐतिहासिक धरोहर के रूप में बताया गया है। इसके संरक्षण और विकास को लेकर पिछले दो वर्षों से प्रयास किए जाने की जानकारी दी गई है।
परियोजना में ऐतिहासिक परिसर के स्वरूप और पर्यटन उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार की सुविधाओं के विकास का प्रावधान है। इनमें भवन निर्माण से लेकर सार्वजनिक सुविधाएं और प्रकाश व्यवस्था तक शामिल हैं।
परियोजना की स्वीकृति के बाद शिलान्यास को इसके क्रियान्वयन की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। निर्माण कार्य के लिए सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
स्वीकृत परियोजना के तहत अष्टखंभा स्तूप परिसर में निम्न विकास कार्य कराए जाने हैं:
- सामुदायिक हॉल का निर्माण
- सर्वसुविधायुक्त यात्री प्रतीक्षालय
- स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
- आधुनिक शौचालय ब्लॉक
- इंटरलॉकिंग पाथवे
- पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच
- उच्च गुणवत्ता वाली एलईडी लाइटों से प्रकाश व्यवस्था
इन सुविधाओं का उद्देश्य परिसर में आने वाले पर्यटकों और आगंतुकों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अष्टखंभा स्तूप के पर्यटन विकास के लिए पर्यटन विभाग ने 1 करोड़ 5 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति एमएलसी डॉ. हरिओम पाण्डेय के प्रस्ताव के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के निर्देशानुसार किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र विकास निधि से करीब 30 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्य पहले से कराए जा रहे हैं। इस तरह स्तूप परिसर में विकास से जुड़े कार्य अलग-अलग माध्यमों से आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
अष्टखंभा स्तूप के विकास से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह स्थल आने वाले समय में अम्बेडकरनगर जिले के प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बनाएगा। परियोजना में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किए जाने का प्रावधान है। शिलान्यास के साथ अब 1.05 करोड़ रुपये की स्वीकृत पर्यटन परियोजना के तहत प्रस्तावित निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।