इस दिवाली अयोध्या बनाएगा एक नया विश्व रिकॉर्ड

29 Aug 2025


>भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर विश्व स्तर पर इतिहास रचने की तैयारी में है। दीपोत्सव 2025 को लेकर इस बार राम की पैड़ी पर 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 28 लाख दीप सजाए जाएंगे, जिनकी जिम्मेदारी 32 हजार वॉलंटियर्स निभाएंगे। इस बार का आयोजन न सिर्फ अपनी भव्यता में अद्वितीय होगा, बल्कि इसमें आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का समन्वय भी देखने को मिलेगा।


>दीपोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि 19 अक्टूबर की शाम रामनगरी लेजर लाइट शो और ग्रीन आतिशबाजी से जगमगाएगी। इस बार आतिशबाजी पर्यावरण अनुकूल होगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और श्रद्धालुओं को एक अनूठा दृश्य अनुभव मिलेगा। प्रशासन ने इस आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। एडीएम सिटी योगेंद्र पांडेय को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि अलग-अलग विभागों से 20 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो हर व्यवस्था पर नजर रखेंगे। सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे आयोजन क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी की जाएगी, पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी और मेडिकल टीमों को भी मुस्तैद रखा जाएगा। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान चलाकर राम की पैड़ी और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक और स्वच्छ बनाने पर जोर दिया जा रहा है।


>दीपोत्सव में इस बार रामायण की झलक भी देखने को मिलेगी। सूचना विभाग की ओर से साकेत महाविद्यालय से 11 झांकियां निकाली जाएंगी, जो रामकथा पार्क तक जाएंगी। ये झांकियां रामायण के प्रमुख प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के सहारे जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी और दर्शकों को अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत का भव्य अनुभव कराएंगी।


>पिछले आठ वर्षों में दीपोत्सव लगातार नए रिकॉर्ड बनाता आया है। वर्ष 2017 में पहली बार 1.71 लाख दीप प्रज्वलित हुए थे, जबकि 2018 में यह संख्या 3.01 लाख और 2019 में 4.04 लाख तक पहुंची। कोरोना काल के बीच भी 2020 में 6.06 लाख दीप जलाकर नया कीर्तिमान बना। इसके बाद 2021 में 9.41 लाख, 2022 में 15.76 लाख, 2023 में 22.23 लाख और 2024 में 25 लाख दीप जलाए गए। इस बार का लक्ष्य इन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए 26.11 लाख दीप प्रज्वलित करने का है।


>दीपोत्सव का यह भव्य आयोजन श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को मंत्रमुग्ध करने वाला होगा। सरयू घाट पर दीपों की झिलमिलाहट, रामलीलाओं का मंचन और सामूहिक सरयू आरती का अद्भुत संगम अयोध्या को एक बार फिर आध्यात्मिक राजधानी में बदल देगा। देश-विदेश से आने वाले हजारों पर्यटक इस महोत्सव के साक्षी बनेंगे, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान और भी सुदृढ़ होगी।