राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए रामकथा पार्क के निकट 93.75 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक अति विशिष्ट अतिथि गृह का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू की गई यह परियोजना राज्य सम्पत्ति विभाग की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल है।
परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके नवंबर 2027 तक पूर्ण होने की संभावना जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार यह परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा और अयोध्या की आतिथ्य क्षमता को नई दिशा देगा।
अति विशिष्ट अतिथि गृह लगभग 14510 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत कई अलग-अलग ब्लॉक बनाए जा रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री ब्लॉक, आवासीय ब्लॉक, डार्मेट्री ब्लॉक और सर्विस ब्लॉक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ब्लॉक जी+4 संरचना में विकसित किया जा रहा है, जबकि आवासीय ब्लॉक बेसमेंट सहित जी+5 मंजिलों का होगा। डार्मेट्री ब्लॉक और अन्य सहायक सुविधाओं को भी आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
परियोजना के अंतर्गत केवल आवासीय सुविधाएं ही नहीं बल्कि सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। परिसर में गार्ड रूम, टाइम ऑफिस, पास ऑफिस, इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन, स्टाफ पार्किंग, विजिटर पार्किंग, सेंट्रल लॉन, वॉटर फाउंटेन और जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके अलावा परिसर में हरित क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि यह अयोध्या की आधुनिक और भव्य छवि को दर्शा सके।
लोक निर्माण विभाग सीडी-2 के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र के अनुसार मुख्यमंत्री ब्लॉक में चौथी मंजिल पर प्लास्टर का कार्य जारी है। तीसरी और चौथी मंजिल पर एमईपी तथा लिफ्ट से जुड़े कार्य भी प्रगति पर हैं। वहीं आवासीय ब्लॉक में बेसमेंट स्लैब का कार्य पूरा किया जा चुका है। डार्मेट्री ब्लॉक में पेंटिंग और बाहरी प्लास्टर का कार्य चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में वीवीआईपी आगंतुकों और उच्च पदाधिकारियों का आवागमन बढ़ा है। ऐसे में यह अतिथि गृह उनके ठहरने और आधिकारिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य स्तर के कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण बैठकों के आयोजन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। हाल ही में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने भी निर्माण स्थल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजना को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।