7500 रुपये स्टाइपेंड से नाराज आयुष इंटर्न डॉक्टर, डिप्टी सीएम आवास पहुंचे

08 Sep 2026

लखनऊ। आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने मंगलवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आयुष इंटर्न डॉक्टर पोस्टर और बैनर लेकर वहां पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने मौजूदा स्टाइपेंड को लेकर नाराजगी जताई और इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग सरकार के सामने रखी।

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के मुताबिक, वर्तमान में उन्हें 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि महंगाई के मौजूदा दौर में इतनी राशि में इंटर्नशिप करना मुश्किल है। इसी मांग को लेकर उन्होंने डिप्टी सीएम आवास पर पहुंचकर अपनी बात रखी और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की। आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से मौजूदा स्टाइपेंड की राशि का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, उन्हें फिलहाल हर महीने 7,500 रुपये स्टाइपेंड मिल रहा है। डॉक्टरों ने इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि इंटर्नशिप चिकित्सा प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान उन्हें अस्पतालों में मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अलग-अलग कार्यों में जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। डॉक्टरों ने इसी जिम्मेदारी के अनुरूप स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग सरकार के सामने रखी।

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मंगलवार को आयुष इंटर्न डॉक्टर पोस्टर और बैनर लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांगों से संबंधित पोस्टर और बैनर प्रदर्शित किए। डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के कारण कुछ समय के लिए मौके पर हलचल का माहौल रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। डॉक्टरों की ओर से कहा गया कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी मांग के मुताबिक पर्याप्त नहीं है और इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाना चाहिए।

आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग के समर्थन में इंटर्नशिप के दौरान निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों का हवाला दिया। डॉक्टरों के अनुसार, इंटर्नशिप के दौरान उन्हें अस्पतालों में मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों में जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। डॉक्टरों का कहना है कि इन जिम्मेदारियों के बावजूद उन्हें 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। इसी आधार पर उन्होंने सरकार से मानदेय में बढ़ोतरी करने की मांग की है।

आयुष इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांग स्टाइपेंड को 7,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की है। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने इसी मांग को प्रमुखता से उठाया। डॉक्टरों का कहना है कि दूसरे चिकित्सा वर्गों के इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जा रही है। ऐसे में आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर भी सरकार को निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आयुष इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड के मुद्दे पर विचार करने और उनकी मांग को पूरा करने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांग को लेकर सरकार के सामने अपनी बात रखी। उनका कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों में मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी निभाने के मद्देनजर स्टाइपेंड बढ़ाया जाना चाहिए। डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड किए जाने की मांग रखी। उनका कहना है कि वर्तमान 7,500 रुपये की राशि महंगाई के दौर में इंटर्नशिप के लिए पर्याप्त नहीं है।

डिप्टी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान आयुष इंटर्न डॉक्टर अपने हाथों में अलग-अलग मांगों से संबंधित पोस्टर और बैनर लिए हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में डॉक्टरों के शामिल होने की बात सामने आई। डॉक्टरों ने अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन का सहारा लिया और स्टाइपेंड की मौजूदा राशि में बदलाव की मांग की।