₹7,500 से ₹25 हजार स्टाइपेंड की मांग, लखनऊ में आयुष इंटर्न का प्रदर्शन

11 Sep 2026

लखनऊ में आयुष मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर जुटे छात्रों ने मौजूदा ₹7,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹25 हजार करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि लंबे समय से उनकी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है और अब वे स्टाइपेंड बढ़ोतरी को लेकर लिखित शासनादेश जारी करने की मांग कर रहे हैं।

छात्रों ने आयुष इंटर्न के स्टाइपेंड की मौजूदा दर को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों के इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जा चुकी है, जबकि आयुष इंटर्न को अभी भी पुरानी दर के आधार पर भुगतान किया जा रहा है।

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प्रदर्शन में शामिल छात्रों की प्रमुख मांग स्टाइपेंड को ₹7,500 से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करना रही। छात्रों ने कहा कि आयुष मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप के दौरान उन्हें अस्पतालों में नियमित रूप से सेवाएं देनी होती हैं। इसके बावजूद मौजूदा स्टाइपेंड दूसरे मेडिकल इंटर्न की तुलना में कम है।

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छात्रों के मुताबिक, वे लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा राशि में लखनऊ जैसे शहर में रहकर पढ़ाई और इंटर्नशिप से जुड़े खर्चों को पूरा करना मुश्किल है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार से मांग की कि स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में केवल आश्वासन तक मामला सीमित न रहे, बल्कि औपचारिक शासनादेश जारी किया जाए।

आयुष इंटर्न छात्रों ने दावा किया कि करीब 15 वर्षों से उनके स्टाइपेंड में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। छात्रों के अनुसार, इस अवधि में महंगाई में लगातार बदलाव हुआ, लेकिन इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाली राशि में उसी अनुपात में बदलाव नहीं किया गया।

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छात्रों ने इसी आधार पर मौजूदा ₹7,500 की राशि को बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि स्टाइपेंड की मौजूदा दर लंबे समय से चली आ रही है और इसे संशोधित करने की जरूरत है। यह दावा प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से रखा गया है।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न छात्र हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांग को लेकर आवाज उठाई और सरकार से इस मामले में निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में पहले भी उन्हें आश्वासन मिलते रहे हैं। छात्रों के मुताबिक, अब वे केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर अपना आंदोलन समाप्त नहीं करना चाहते। उनकी मांग है कि स्टाइपेंड बढ़ाने से संबंधित निर्णय को लिखित शासनादेश के माध्यम से स्पष्ट किया जाए।

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प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित शासनादेश चाहिए। छात्रों के अनुसार, शासनादेश में स्टाइपेंड की नई राशि के साथ इसे लागू किए जाने की तारीख भी स्पष्ट होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि लिखित आदेश जारी होने से स्टाइपेंड बढ़ोतरी के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। इसी मांग को लेकर उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारी आयुष छात्रों ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के स्टाइपेंड का मुद्दा भी उठाया। छात्रों का कहना था कि एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में वृद्धि की जा चुकी है, जबकि आयुष इंटर्न के लिए पुरानी दर जारी है।

छात्रों ने सवाल उठाया कि जब चिकित्सा संस्थानों में इंटर्न छात्रों से नियमित सेवाएं ली जाती हैं, तो उनके स्टाइपेंड में इतना अंतर क्यों है। इसी आधार पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने आयुष इंटर्न के स्टाइपेंड को ₹25 हजार प्रतिमाह करने की मांग रखी है।

छात्रों ने अपने प्रदर्शन के दौरान अस्पतालों में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, आयुष इंटर्न अस्पतालों में मरीजों की चिकित्सा सेवाओं और अस्पताल की नियमित व्यवस्था में योगदान करते हैं।

छात्रों ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान नियमित ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें मिलने वाली राशि अन्य मेडिकल इंटर्न की तुलना में कम है। उनका कहना है कि स्टाइपेंड की राशि में इस अंतर को दूर किया जाना चाहिए। यहां छात्रों की मांग मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर केंद्रित रही—स्टाइपेंड को ₹25 हजार प्रतिमाह करना और इस संबंध में लिखित शासनादेश जारी करना।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को आगे भी जारी रखेंगे। छात्रों ने सरकार से स्टाइपेंड बढ़ोतरी पर निर्णय लेकर शासनादेश जारी करने की मांग की। फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन स्टाइपेंड को ₹7,500 से बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने और इसे औपचारिक रूप से लागू करने की मांग पर केंद्रित है।