लखनऊ, 16 सितंबर 2026: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की ओर से 16 सितंबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। संगठन के अनुसार यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जिला मुख्यालयों पर चार प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है।
संगठन के मुताबिक प्रदेश और राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य भी अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रदर्शन में कानून व्यवस्था, ईको गार्डन में आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों, 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े ओबीसी अभ्यर्थियों तथा सहारनपुर और मुरादाबाद में धार्मिक स्थलों से संबंधित कार्रवाई जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।
आजाद समाज पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी 16 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर पहुंचेंगे। यहां धरना-प्रदर्शन के बाद संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जाने की योजना है। संगठन ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आयोजित करने की बात कही है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय कमेटी के सदस्यों को भी इस अभियान में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है। हाल के दिनों में भी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जिलों में स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रदर्शन और ज्ञापन दिए हैं। 13-14 सितंबर के दौरान सहारनपुर और अन्य जिलों में चंद्रशेखर आजाद से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की खबरें सामने आई थीं।
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प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करना शामिल है। संगठन का कहना है कि लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था के मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जानी चाहिए। यह मांग संगठन के राजनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष मामले में प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए प्रदर्शन में उठाई जा रही मांग को संगठन के पक्ष के रूप में ही देखा जाना है। जिला मुख्यालयों पर सौंपे जाने वाले ज्ञापन में कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से शामिल किए जाने की बात कही गई है।
दूसरी प्रमुख मांग लखनऊ के ईको गार्डन में आंदोलन कर रहे पंचायत सहायकों से जुड़ी है। संगठन ने पंचायत सहायकों की मांगों को पूरा करने और उनके साथ न्याय किए जाने की मांग उठाने की बात कही है। पंचायत सहायकों से संबंधित मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में प्रदर्शन चल रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी पंचायत सहायकों के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और उनकी मांगों का समर्थन किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पंचायत सहायक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पार्टी ने 16 सितंबर के जिला मुख्यालय स्तर के प्रदर्शन में इस मुद्दे को भी शामिल किया है।
तीसरी प्रमुख मांग उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से संबंधित है। संगठन ने भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की है। प्रदर्शन में मेरिट और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों को उनके अधिकार दिए जाने की मांग की जाएगी। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लंबे समय से जारी रहा है। हाल में भी भर्ती के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया था। 12 सितंबर को अभ्यर्थियों के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई थी। रिपोर्टों में भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने और नियुक्ति की मांग का उल्लेख किया गया है।
नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित निर्देशों और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लागू कराने की मांग भी उठा रहे हैं। इन मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सितंबर में भी जारी रहा। आजाद समाज पार्टी ने अपने जिला मुख्यालय प्रदर्शन के एजेंडे में इसी मुद्दे को शामिल करते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े मामलों के समाधान की मांग करने की बात कही है।
प्रदर्शन की चौथी प्रमुख मांग सहारनपुर और मुरादाबाद में धार्मिक स्थलों से संबंधित कार्रवाई को लेकर है। संगठन ने ऐसी कार्रवाई रोकने की मांग की है, साथ ही संविधान और कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। इस मुद्दे को लेकर संगठन जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग प्रशासन के सामने रखेगा। उपलब्ध सूचना में किसी विशेष धार्मिक स्थल, मामले या प्रशासनिक आदेश का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस प्रदर्शन के संदर्भ में संगठन की घोषित मांग तक ही जानकारी सीमित है।