>समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को अजीमनगर थाने में दर्ज विवादित बयान मामले में बड़ी राहत मिली है। एमपी-एमएलए विशेष मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
>मामला उस विवादित टिप्पणी से संबंधित था, जो आजम खान ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में राज्यसभा सांसद रहे अमर सिंह की बेटियों के संबंध में की थी। इस टिप्पणी को लेकर अमर सिंह ने लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया था। चूंकि टिप्पणी जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में दिए जाने का आरोप था, इसलिए केस को बाद में लखनऊ से ट्रांसफर कर रामपुर के अजीमनगर थाने में भेज दिया गया।
>पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया, जिसके बाद एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में सुनवाई चली। मंगलवार को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने पर अदालत ने 28 नवंबर के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था और आजम खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया था।
>शुक्रवार को अदालत ने आदेश जारी करते हुए आजम खान को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में एक अन्य मामले दो पैन कार्ड प्रकरण में रामपुर की अदालत ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराया था। वर्तमान में दोनों रामपुर जेल में बंद हैं।