>समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म ख़ान ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार में हिस्सा लेने से साफ इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि वह सुरक्षा कारणों से बिहार नहीं जाएंगे, क्योंकि वहाँ जंगलराज है।
>मुरादाबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, मुझे स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से बिहार न जा पाने का अफसोस है। लोग कहते हैं कि वहाँ जंगल राज है, इसलिए मैं नहीं जा सकता। पहले जंगलराज का अंत होना चाहिए, तभी लोग आज़ादी और कानून के राज की लड़ाई लड़ सकेंगे। आज़म ख़ान ने आगे कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए मतदाताओं को एकजुट होना होगा और हर तरह के डर व भ्रम से दूर रहकर वोट देना होगा।
>आज़म ख़ान ने अपनी सुरक्षा घटाए जाने पर नाराज़गी जताई। उनका कहना था कि उन्हें वाई-श्रेणी की अधूरी सुरक्षा दी गई है, जो बेकार है।
उन्होंने कहा, अगर सुरक्षा देनी है तो पूरी दो, आधी-अधूरी सुरक्षा का कोई मतलब नहीं। उन्होंने बिहार के मतदाताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र और इंसानियत को बचाने के लिए एकजुट होकर मतदान करें।
>आज़म ख़ान ने लोगों को भावनाओं और प्रचार के झांसे में न आने की सलाह दी। उन्होंने कहा, किसी जज्बाती नारे पर मत बंटिए। आपकी ताकत को टुकड़ों में बांटने की कोशिश हो रही है। देश पर रहम कीजिए, एकता को चुनिए।
>उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता की होड़ नहीं बल्कि लोकतंत्र की रक्षा है। हमें ऐसी राजनीति चाहिए जो इंसान को जोड़ने का काम करे, बांटने का नहीं गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने उन्हें स्टार प्रचारक घोषित किया था, लेकिन अब उन्होंने प्रचार में हिस्सा लेने से मना कर दिया है।