मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आजमगढ़ में बाबा गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पादक संस्था द्वारा स्थापित नवनिर्मित दुग्ध अवशीतन केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण, दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में हो रही प्रगति और पूर्वांचल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ की बदली हुई स्थिति का उल्लेख किया और कहा, "पहले आजमगढ़ के नाम पर लोगों को होटल या धर्मशाला में कमरा तक नहीं मिलता था, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब कोई रोकने-टोकने वाला नहीं, बल्कि स्वागत करने वाला है।" उन्होंने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास के संयुक्त प्रभाव का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में आस्था और विकास दोनों को समान महत्व दिया गया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रदेश को विकास, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान के नए चरण में प्रवेश करने वाला बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने महिला सशक्तिकरण को विशेष रूप से रेखांकित किया। दुग्ध उत्पादक कंपनी से जुड़ी 56 हजार से अधिक महिलाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर होता है और ऐसे परिवार समाज की मजबूत कड़ी बनते हैं।" उन्होंने इस मॉडल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि आजमगढ़ में यह संस्था प्रतिदिन लगभग 1.70 लाख लीटर दूध का संग्रह कर रही है। किसानों और गोपालकों को लगभग 55 रुपये प्रति लीटर का भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए गांव स्तर से लेकर चिलिंग प्लांट तक बहु-स्तरीय जांच की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे उपभोक्ताओं तक शुद्ध दूध और उससे बने उत्पाद पहुंच रहे हैं।
पूर्वांचल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण से आजमगढ़ और लखनऊ के बीच यात्रा का समय घटकर ढाई से पौने तीन घंटे रह गया है, जबकि पहले इसमें लगभग छह घंटे लगते थे। इसके अलावा गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज से भी बेहतर संपर्क स्थापित हुआ है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
उन्होंने शहरी विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आजमगढ़ में आवासीय परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से 2000 से अधिक भूखंडों का विकास किया जाएगा, जिनमें पार्क, स्कूल, अस्पताल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही आजमगढ़ एयरपोर्ट के विकास और फोरलेन सड़क कनेक्टिविटी का भी उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों का जिक्र करते हुए बताया कि झांसी, वाराणसी, आगरा और लखनऊ में पहले से ऐसी इकाइयां कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में प्रयागराज और बरेली में नई मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों की स्थापना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार और सरकारी योजनाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न पहल के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना और निवेश परियोजनाओं के माध्यम से बड़े स्तर पर रोजगार सृजन हुआ है। साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
पशुपालन क्षेत्र में नई पहलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से घर-घर पशुओं के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही कृत्रिम गर्भाधान सेवा शुरू की गई है, जिससे उन्नत नस्ल के पशुओं का विकास संभव होगा। उन्होंने बायोगैस और गोबर गैस जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की भी बात कही।
गो-संरक्षण के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में हजारों गो-आश्रय स्थल संचालित हैं और बड़ी संख्या में गोवंश के संरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन को और बढ़ाने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया।