पंचायत निर्वाचन मतदाता सूची में कथित फर्जीवाड़ा और कूटरचित हस्ताक्षर के जरिए हेरफेर करने के मामले में आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई।
पुलिस के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के दौरान विकासखंड अजमतगढ़ से जमा की गई मतदाता पांडुलिपियों की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के दौरान ग्राम अंजान शहीद के वार्ड संख्या 10 से 15 तक की मतदाता पांडुलिपियों को संदिग्ध पाया गया। आरोप है कि मतदाता सूची में अवैध रूप से नाम जोड़ने और हटाने के लिए बीएलओ, सुपरवाइजर और अन्य अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।
विवेचना में यह तथ्य भी सामने आया कि विकासखंड अजमतगढ़ में कार्यरत कर्मचारी संतोष कुमार भाष्कर ने ग्राम प्रधान मोहम्मद अजीम, उसके सहयोगी नदीम अहमद तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी पांडुलिपियां तैयार कर उन्हें मूल मतदाता सूची में शामिल कराया। पुलिस के मुताबिक, इस हेरफेर के कारण पंचायत चुनाव की निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मामले में थाना जीयनपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले अक्षय कुमार, संतोष कुमार भाष्कर और नदीम अहमद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ग्राम प्रधान मोहम्मद अजीम फरार चल रहा था।
पुलिस ने अब वांछित आरोपी ग्राम प्रधान मोहम्मद अजीम पुत्र मोहम्मद नुमान खान निवासी ग्राम अंजान शहीद थाना जीयनपुर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि जीयनपुर थाना क्षेत्र के विकासखंड अजमतगढ़ में ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए हेरफेर किया गया था, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में पांच लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब ग्राम प्रधान की गिरफ्तारी भी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि शेष वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।