>आजमगढ़, उत्तर प्रदेश। दशहरे के मेले के बीच अचानक लगाए गए “सांसद-विधायक लापता हैं” पोस्टरों ने जिले की सियासत को गर्मा दिया है। समाजवादी पार्टी कार्यालय के पास लगे इन पोस्टरों में ग्राम सभा डुगडुगवां के लोगों ने स्थानीय समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर सवाल खड़े किए हैं। खास बात यह है कि यह सीट सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के पास है और जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों पर भी समाजवादी पार्टी का कब्जा है।
>ग्रामीणों द्वारा लगाए गए पोस्टर में विकास कार्यों की अनदेखी और समस्याओं को उजागर किया गया है। आम लोग जब मेले में पहुंचे, तो इस पोस्टर ने उन्हें हैरान कर दिया और चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक हलकों में इसे जनता की नाराज़गी का संकेत माना जा रहा है।
>गौरतलब है कि आजमगढ़ में यह पहला मौका नहीं है जब ‘लापता सांसद’ या ‘लापता विधायक’ के पोस्टर लगे हों। पूर्व में जब मुलायम सिंह यादव यहां से सांसद थे, तब भी इसी तरह के पोस्टर लगाए गए थे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनता और उनके जनप्रतिनिधियों के बीच दूरी बढ़ रही है।
>वहीं, भाजपा ने इस मुद्दे पर सपा को घेरते हुए इसे “दिखावे की राजनीति” बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि त्योहारों पर सांसद और विधायक जनता के बीच नहीं दिखते, जबकि अन्य मौकों पर वे केवल दिखावे की राजनीति में लगे रहते हैं।