बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 19 दिनों से लापता दो दोस्तों के शव लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर में जमीन के नीचे दबे मिले हैं। पुलिस ने गुरुवार तड़के करीब 3 बजे खुदाई कर दोनों शव बरामद किए। मृतकों की पहचान सिंगोली तगा गांव निवासी इसरार पुत्र रिड्डू और दिव्यांग अंकित पुत्र मुकेश के रूप में हुई है।
दोनों युवक 25 जुलाई को बाइक से घूमने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने 29 जुलाई को दोनों के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों और अन्य स्थानों पर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिली सूचना और पूछताछ के आधार पर लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर में खुदाई कराई गई, जहां से दोनों युवकों के शव बरामद हुए।
पुलिस ने बताया कि लापता युवकों की तलाश के दौरान गणेश मंदिर से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मंदिर परिसर में जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने मंदिर के महंत नरेश नाथ से भी पूछताछ की। हालांकि, पूछताछ के बाद महंत फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। इसके बाद पुलिस ने महंत के दो शिष्यों को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और उनकी निशानदेही पर मंदिर परिसर में खुदाई की गई। इसी दौरान जमीन के अंदर दबे दोनों युवकों के शव बरामद किए गए।
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जानकारी के अनुसार, इसरार और अंकित 25 जुलाई को बाइक से घूमने के लिए निकले थे। दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी तलाश के बाद भी दोनों का कोई पता नहीं चला तो 29 जुलाई को पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दोनों युवकों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। लगातार तलाश के दौरान पुलिस को एक सूचना मिली, जिसके आधार पर जांच गणेश मंदिर परिसर तक पहुंची।
दोनों युवकों के शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल पूछताछ और जांच के आधार पर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस इस मामले में हर संभावित पहलू की जांच कर रही है।
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से दोनों युवकों की मौत के कारण और उससे जुड़े महत्वपूर्ण चिकित्सकीय तथ्य सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने अभी मौत की वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। इसलिए जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक घटना के कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पुलिस इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इसके तहत घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस मोबाइल डेटा की भी जांच कर रही है, ताकि 25 जुलाई को दोनों युवकों की गतिविधियों और उनके संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि दोनों युवक आखिरी बार कहां गए थे, किन लोगों के संपर्क में थे और उनके साथ क्या घटनाक्रम हुआ।
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मामले में गणेश मंदिर के महंत नरेश नाथ की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, महंत से पूछताछ की गई थी, लेकिन वह फिलहाल फरार है पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। साथ ही हिरासत में लिए गए दोनों शिष्यों से भी पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मंदिर परिसर में शवों को जमीन के अंदर किस परिस्थिति में दबाया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
सीओ खेकड़ा रोहन चौरसिया ने बताया कि दोनों युवकों की गुमशुदगी के बाद पुलिस ने उनकी तलाश और जांच की थी। पूछताछ के बाद मुखबिर की सूचना पर लापता युवकों के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और मामले की जांच की जा रही है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारी के मुताबिक, जांच और पूछताछ पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।
इस मामले की शुरुआत दोनों युवकों के अचानक लापता होने से हुई थी। 25 जुलाई को घर से निकलने के बाद दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की। चार दिन बाद 29 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने इसके बाद संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की। पुलिस की जांच के दौरान मिली सूचना ने मामले को लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर तक पहुंचाया। अब दोनों शवों के पोस्टमार्टम, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस के सामने फिलहाल कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। इनमें दोनों युवक 25 जुलाई को बाइक से निकलने के बाद कहां गए, मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचे, उनके साथ क्या हुआ और शवों को जमीन के अंदर कब और किन परिस्थितियों में दबाया गया—इन बिंदुओं की जांच शामिल है। इसके साथ ही पुलिस फरार महंत नरेश नाथ की तलाश कर रही है और हिरासत में लिए गए दोनों शिष्यों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से मिलने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।