>श्री सीताराम पंचवटी चकाचक आश्रम के संचालक और कथावाचक पं. रविशंकर महाराज ने बहराइच स्थित गाज़ी सैय्यद सालार मसऊद की दरगाह को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने दरगाह को सूर्यकुंड बताते हुए इसे तत्काल हटाने की मांग उठाई।
>मीडिया को संबोधित करते हुए पं. रविशंकर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार दरगाह मेले पर प्रतिबंध लगाया गया है, उसी तरह “आक्रांता गाज़ी की कलंकित दरगाह को भी हटाया जाना चाहिए।” उन्होंने पश्चिम बंगाल में बाबर के नाम पर मस्जिद की नींव रखे जाने पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे “नई परंपरा की शुरुआत” बताया।
>उन्होंने कहा कि किसी समुदाय या मजहब से उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन आक्रांताओं के नाम पर मस्जिद निर्माण निंदनीय है। बहराइच कांड में दोषियों को सजा मिलने पर उन्होंने न्यायालय के फैसले और राज्य सरकार की कार्रवाई की सराहना की।
>नेपाल सीमा का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि सीमाक्षेत्रों में ईसाई सिंडिकेट सक्रिय है और गरीब हिंदू परिवारों का धर्मांतरण करा रहा है। उन्होंने बताया कि आश्रम द्वारा संचालित संस्कार शालाओं के माध्यम से स्थानीय परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।