HDFC के बाद इन बैंकों ने भी बढ़ाईं ब्याज दरें, होम से लेकर कार लोन तक EMI पर पड़ेगा असर

13 Jun 2026

 

देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank द्वारा एमसीएलआर में बढ़ोतरी के बाद अब कई अन्य बैंकों ने भी अपनी ब्याज दरों में संशोधन किया है। बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने भी विभिन्न अवधि के लिए एमसीएलआर बढ़ा दिया है। इसका असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों की मासिक EMI पर पड़ सकता है।

 

HDFC Bank ने बढ़ाया एमसीएलआर

 

HDFC Bank ने 5 से 10 बेसिस पॉइंट तक एमसीएलआर में बढ़ोतरी की है। एक साल की अवधि का एमसीएलआर, जिससे अधिकांश रिटेल लोन जुड़े होते हैं, 8.35 प्रतिशत से बढ़कर 8.40 प्रतिशत हो गया है। वहीं दो साल की अवधि वाले एमसीएलआर में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद यह 8.55 प्रतिशत पर पहुंच गया है। नई दरें 8 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं।

 

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट स्थिर रखा, फिर भी क्यों बढ़ीं ब्याज दरें?

 

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा था। इसके बावजूद बैंकों ने फंडिंग लागत बढ़ने के दबाव के चलते एमसीएलआर में संशोधन किया है। एमसीएलआर में बढ़ोतरी का सीधा असर फ्लोटिंग रेट वाले लोन पर पड़ता है।

 

बैंक ऑफ बड़ौदा ने पांच अलग-अलग अवधि के एमसीएलआर में 0.05 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है।

 

केनरा बैंक ने वित्तीय समीक्षा के बाद कई अवधियों के लिए एमसीएलआर में संशोधन किया है।

 

इंडियन बैंक ने एक साल की अवधि वाले एमसीएलआर में 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 8.55 प्रतिशत कर दिया है। वहीं बैंक ऑफ इंडिया ने भी एक साल का एमसीएलआर बढ़ाकर 8.75 प्रतिशत कर दिया है।

 

ग्राहकों पर क्या होगा असर?

 

अगर आपका होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन एमसीएलआर आधारित फ्लोटिंग ब्याज दर से जुड़ा है, तो लोन की रीसेट डेट आने के बाद आपकी EMI बढ़ सकती है। कुछ मामलों में EMI समान रखते हुए लोन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा नए ग्राहकों को भी अब पहले की तुलना में अधिक ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।