डीएम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का किया निरीक्षण, मेधावी छात्राओं को किया सम्मानित

13 Aug 2026

बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजीबपुर और उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, देवा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक और आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने अकादमिक ब्लॉक, आवासीय परिसर और विद्यालय के अन्य हिस्सों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 15 मेधावी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इसके अलावा राज्य स्तरीय कुरास प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली 12 छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कक्षा 7 की छात्रा रागिनी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

विद्यालय में छात्राओं से संवाद के दौरान एक छात्रा ने जिलाधिकारी से पूछा कि आईएएस बनने के लिए किस तरह मेहनत करनी चाहिए। इस सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने से पहले एक अच्छा नागरिक बनने का प्रयास करना चाहिए। जिलाधिकारी ने छात्राओं को अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने स्वच्छता जैसी अच्छी आदतों को जीवन का हिस्सा बनाने और आसपास की गतिविधियों को समझने की जिज्ञासा विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी चीज को देखकर उसके बारे में सवाल करना और उसके कारणों को जानने की आदत आगे चलकर उपयोगी साबित होती है।

 

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जिलाधिकारी ने छात्राओं से कहा कि पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। अपने आसपास के वातावरण में होने वाले बदलावों और उनके कारणों को समझने की आदत भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को जागरूक रहने और अपने आसपास होने वाली गतिविधियों की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी के अनुसार, चीजों को समझने और उनके बारे में सवाल करने की आदत विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। छात्राओं के साथ बातचीत में उन्होंने जिज्ञासा को विकसित करने और जानकारी हासिल करने के लिए नियमित अध्ययन की आदत बनाने की सलाह दी।

जिलाधिकारी ने छात्राओं को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने और पुस्तकों का अध्ययन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपने अध्ययन के साथ सामान्य ज्ञान और आसपास की घटनाओं की जानकारी हासिल करने पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी। साथ ही सोशल मीडिया के अनावश्यक इस्तेमाल से दूरी बनाए रखने और पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। जिलाधिकारी ने छात्राओं को शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कक्षाओं में पहुंचे और वहां पढ़ाई कर रही छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से उनकी पढ़ाई से संबंधित जानकारी ली और शिक्षण व्यवस्था को समझा। जिलाधिकारी ने स्मार्ट बोर्ड का संचालन भी छात्राओं से स्वयं करवाकर देखा। इसके जरिए उन्होंने डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से होने वाले शिक्षण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं को आधुनिक तकनीक के उपयोग के साथ-साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने और तकनीकी ज्ञान को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं के साथ बैठकर भोजन भी किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से उनकी नियमित दिनचर्या और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में सीधे जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से भोजन, अध्ययन, आवासीय व्यवस्था और विद्यालय में मिलने वाली अन्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने यह भी जानने का प्रयास किया कि विद्यालय में रहने या पढ़ाई करने के दौरान छात्राओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। छात्राओं से सीधे संवाद के जरिए उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी जानकारी और अनुभव को समझा।

विद्यालय परिसर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को विद्यालय परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा विद्यालय परिसर की सड़क पर आवश्यकतानुसार इंटरलॉकिंग कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य छात्राओं के आवागमन में होने वाली संभावित असुविधा को दूर करना है। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान शैक्षिक व्यवस्था के साथ-साथ छात्राओं के रहने, भोजन, आवागमन और परिसर की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।

कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कुल 15 छात्राओं को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही राज्य स्तरीय कुरास प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली 12 छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान हासिल करने वाली कक्षा 7 की छात्रा रागिनी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। छात्राओं को सम्मानित करने का कार्यक्रम विद्यालय निरीक्षण के दौरान हुआ।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजीबपुर और उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, देवा के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने अकादमिक ब्लॉक के साथ आवासीय परिसर का भी जायजा लिया। निरीक्षण का केंद्र छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक और आवासीय सुविधाएं रहीं। जिलाधिकारी ने विद्यालय के अलग-अलग हिस्सों में जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और छात्राओं से सीधे बातचीत की। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक सहित संबंधित अधिकारी और विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।