जनपद में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाते हुए बिना लाइसेंस संचालित हो रही छह मीट दुकानों को सील कर दिया। अभियान के तहत तहसील हैदरगढ़ सहित जिले के विभिन्न शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फल एवं सब्जी मंडियों तथा दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान तरबूज की जांच में किसी प्रकार की रंग मिलावट या इंजेक्शन के उपयोग के संकेत नहीं मिले, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
निरीक्षण के दौरान लगभग 50 किलोग्राम सड़े-गले फलों को मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसके अलावा संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ जिलेभर में अवैध मीट कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह दुकानों को चिन्हित कर तत्काल बंद करा दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिना लाइसेंस या पंजीकरण के संचालन खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 58 और 63 के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों द्वारा गलत श्रेणी के लाइसेंस पर संचालन किए जाने का मामला भी सामने आया। ऐसे मामलों में संबंधित व्यापारियों को लाइसेंस संशोधन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे।