स्वतंत्रता दिवस पर केपी तिवारी का संदेश, आजादी का मूल्य समझें और जिम्मेदार नागरिक बनें

15 Aug 2026

बाराबंकी। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अंबिका स्कूल ऑफ एजुकेशन में ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व जिला अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा केपी तिवारी ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में केपी तिवारी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करने का दिन भी है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और रानी लक्ष्मीबाई सहित स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अनेक महान व्यक्तित्वों के संघर्ष और बलिदान को याद करने के लिए प्रेरित किया। केपी तिवारी ने कहा कि आज बच्चों के हाथों में किताबें हैं, उनके सामने विद्यालय है और अपने सपनों को पूरा करने की स्वतंत्रता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह स्वतंत्रता लंबे संघर्ष और लाखों देशभक्तों के योगदान के बाद हासिल हुई।

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कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए केपी तिवारी ने देशभक्ति के व्यापक अर्थ पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। ईमानदारी से पढ़ाई करना, अनुशासन का पालन करना, माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना, स्वच्छता बनाए रखना, प्रकृति की रक्षा करना और अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से निर्वहन करना भी देश के प्रति जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भविष्य में कोई डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, सैनिक या अधिकारी बनेगा, लेकिन किसी भी पेशे में जाने से पहले एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार भारतीय नागरिक बनना जरूरी है।

केपी तिवारी ने छात्रों को अपनी पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहने का संदेश दिया। उनके संबोधन का केंद्र युवाओं में जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना विकसित करने पर रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किसी पेशे को हासिल करना नहीं है, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने की क्षमता विकसित करना भी है। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों के लिए यह संदेश स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नागरिक जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत आचरण से जुड़ा रहा। संबोधन के दौरान देश की प्रगति में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया गया।

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केपी तिवारी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि तिरंगे को सलामी देते हुए वे संकल्प लें कि भारत को और मजबूत, शिक्षित, स्वच्छ, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाने का संदेश दिया। उनके अनुसार भविष्य की पीढ़ी की जिम्मेदारियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश और समाज के प्रति भी उनका दायित्व है।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से जुड़ी विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस की भावना को अपने तरीके से अभिव्यक्त किया। विद्यालय परिसर में आयोजित इन प्रस्तुतियों के दौरान वातावरण में राष्ट्रप्रेम की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी विशेष रूप से रही।

अंबिका स्कूल ऑफ एजुकेशन के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ऊषा सिंह, उपप्रधानाचार्य गीतिका सिंह, मंच संचालक महेश चंद्र तिवारी, रिशना शुक्ला, व्यायाम शिक्षक सुखराम, सभासद सोनू शुक्ला और अधिवक्ता पुनीत श्रीवास्तव सहित विद्यालय परिवार के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में ध्वजारोहण और दीप प्रज्ज्वलन के बाद विद्यार्थियों को संबोधित किया गया तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।