बाराबंकी में लेखपाल पर लगे गंभीर आरोप, डीएम ने दिए जांच के आदेश

25 Apr 2026

 

बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के मांझारायपुर गांव से एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहां एक लेखपाल पर 50 हजार रुपये की रिश्वत न मिलने पर किसान की खड़ी गन्ना फसल नष्ट कराने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश जारी किए हैं। पीड़ित किसान राजेश निषाद और उनके भाई तिलकराम ने आरोप लगाया है कि क्षेत्रीय लेखपाल ज्ञान प्रकाश पांडेय ने भूमि की पैमाइश के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की थी। दोनों किसान गाटा संख्या 1190, 1191, 1199, 1194, 1195 और 1196 पर वर्षों से खेती कर रहे हैं। किसानों के अनुसार, पड़ोसी पक्ष द्वारा उनकी जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा था। इसी विवाद के बीच लेखपाल द्वारा कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई।

 

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने दबाव में आकर 9 हजार रुपये नकद और 12 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके डिजिटल प्रमाण और लेन-देन के स्क्रीनशॉट उनके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद शेष रकम न मिलने पर कथित तौर पर लेखपाल ने विपक्षी पक्ष के साथ मिलकर गलत पैमाइश कर दी। किसानों का आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 को खेत में खूंटे गड़वाए गए और 11 अप्रैल को उन्हें धमकी दी गई कि पूरी रकम न देने पर फसल और जमीन दोनों से हाथ धोना पड़ेगा।

 

पीड़ितों के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 की रात आरोपितों ने ट्रैक्टर चलाकर खेत में खड़ी गन्ना फसल को जोतकर नष्ट कर दिया। इससे पहले किसानों ने 31 मार्च को धमकी और 15 अप्रैल को उपजिलाधिकारी सिरौलीगौसपुर तथा 18 अप्रैल को थाना टिकैतनगर में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मामले में किसानों द्वारा प्रस्तुत डिजिटल भुगतान के स्क्रीनशॉट और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की जांच तहसीलदार को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।