बस्ती में शौचालय और आवास न मिलने पर बहू ने छोड़ दिया ससुराल

15 Apr 2026

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कुदरहा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत चकिया के भरवलिया उर्फ टिकुईया गांव से गरीबी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव की एक तस्वीर सामने आई है। यहां एक परिवार को शौचालय और पक्का आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं न मिलने के कारण बहू पिछले एक वर्ष से अपने दो बच्चों के साथ मायके में रहने को मजबूर है।

 

गांव निवासी रामफेर का परिवार अत्यंत दयनीय स्थिति में जीवन यापन कर रहा है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, घर में न पक्का मकान है, न शौचालय और न ही बिजली की सुविधा। ऐसे हालात में बहू ने ससुराल छोड़ने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि बच्चों के साथ ऐसे घर में रहना संभव नहीं, जहां बुनियादी सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध न हों।

 

परिवार के अनुसार, शादी को करीब 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। अंत्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद आवास योजना के तहत घर नहीं मिल सका। परिवार का आरोप है कि मनरेगा जैसी योजनाएं भी कागजों तक सीमित हैं और उन्हें वर्षों से कोई काम नहीं मिला।

 

परिवार की महिला सदस्य मालती देवी ने बताया कि मिट्टी की जर्जर दीवारों और फूस के छप्पर वाले घर में रहना जोखिम भरा है। बारिश के दौरान घर में पानी टपकता है और आंधी में छत उड़ने का खतरा बना रहता है। रात में रोशनी के लिए ढिबरी का सहारा लेना पड़ता है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि पात्र होने के बावजूद इस परिवार को योजनाओं से वंचित रखना स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को आवास, शौचालय और बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

 

इस संबंध में परियोजना निदेशक राजेश जैस्वाल ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी और पात्रता के अनुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।