बीबीएयू में 'जंतर-मंतर 2.0' की दस्तक, सोनम वांगचुक के समर्थन में छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू

18 Jul 2026

शनिवार को बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर अचानक आंदोलन के केंद्र में बदल गया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने गौतम बुद्ध केंद्रीय पुस्तकालय के बाहर 'जंतर-मंतर 2.0' नाम से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की कथित हिरासत का विरोध किया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।

धरने में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान "रिहा करो, रिहा करो", "लोकतंत्र की आवाज नहीं दबेगी" जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया।

एसएफआई पदाधिकारियों का कहना है कि सोनम वांगचुक लंबे समय से छात्रों, युवाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे हैं। संगठन का कहना है कि ऐसे समय में देशभर के छात्रों का दायित्व है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से उनके समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करें।

एसएफआई बीबीएयू इकाई की अध्यक्ष ज्योति के नेतृत्व में आशीष, शुभम, मंजेश सहित कई छात्र धरने पर बैठे। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेता मंजेश ने कहा कि सोनम वांगचुक ने हमेशा छात्रों और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना था कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो उस पर चुप रहना भी अन्याय का समर्थन माना जाएगा। उन्होंने सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की मांग दोहराते हुए देशभर के छात्रों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की।

आयोजकों के अनुसार 'जंतर-मंतर 2.0' केवल बीबीएयू तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में चलाया जा रहा छात्र अभियान है। इसके माध्यम से अलग-अलग परिसरों में छात्र सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगें उठा रहे हैं।

धरने में शामिल छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति की रिहाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी सामने रखता है। प्रदर्शनकारियों ने अन्य छात्र संगठनों और युवाओं से भी इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।

एसएफआई का यह प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की कथित हिरासत के विरोध में आयोजित किया गया है। संगठन उनकी तत्काल रिहाई की मांग कर रहा है और इसी मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। आंदोलन की अवधि को लेकर फिलहाल कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।