बिहार में कौन मारेगा बाज़ी, क्या कहता है ताजा C Voter सर्वे ?

01 Oct 2025


>बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां पूरी तरह जोर-शोर से चल रही हैं। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने चुनावी अभियान को तेज कर चुके हैं और जनता के बीच अपनी सियासी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। इसी बीच, सी-वोटर की ताजा रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार बिहार में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।


>सर्वे में यह भी सामने आया है कि इस बार बिहार की जनता पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को सबसे ज्यादा उपयुक्त उम्मीदवार मानती है। वहीं, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी लोकप्रियता में तेजी से उभर रहे हैं।


>मुख्यमंत्री पद के लिए जनता की पसंद:


>इस सर्वे से स्पष्ट होता है कि जनता में तेजस्वी यादव की लोकप्रियता सबसे अधिक है। इसके पीछे उनकी सक्रिय भूमिका, युवा और किसान वर्ग के बीच बढ़ती स्वीकार्यता, तथा विपक्ष के गठबंधन में उनकी निर्णायक भूमिका को माना जा सकता है।


>हालांकि वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कामकाज जनता के बीच संतोषजनक माना जाता है। ताजा सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, 61% लोग उनके कार्यों से संतुष्ट हैं, जबकि 38% लोग असंतुष्ट हैं। यह आंकड़ा फरवरी (58%) और जून (60%) के पिछले सर्वे के मुकाबले थोड़ा बढ़ा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जनता में उनके प्रति भरोसा कायम है।


>सर्वे में यह भी पता चला कि प्रधानमंत्री पद के लिए 52% लोग नरेंद्र मोदी को पसंद करते हैं, जबकि 41% लोग राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार देखना चाहते हैं। यह आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की झलक भी दिखाता है।


>बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार जन सुराज की एंट्री ने सियासी समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है। प्रशांत किशोर की लोकप्रियता 23% तक पहुँच चुकी है, जो सीधे तौर पर यह दर्शाती है कि जनता में नई सोच और पारदर्शी राजनीतिक विकल्प के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।


>एनडीए और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर के बीच, यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव की लोकप्रियता और प्रशांत किशोर की नई रणनीतियाँ चुनावी परिणामों पर किस हद तक असर डालती हैं। वहीं, नीतीश कुमार का मजबूत जनाधार और उनकी प्रशासनिक छवि भी उनके लिए चुनावी फ़ायदा साबित हो सकती है।