>बिहार सरकार ने विधायकों और विधान पार्षदों को मिलने वाली सुविधाओं में बढ़ोतरी करते हुए हर महीने 8,300 रुपये का टेलीफोन भत्ता प्रदान करने का निर्णय औपचारिक रूप से लागू कर दिया है।
>संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार विधानमंडल सदस्य वेतन, भत्ते और पेंशन संशोधन नियम, 2025 की प्रति गुरुवार को सदन में पेश की। नए नियम के तहत एमएलए और एमएलसी को कितने भी फोन कनेक्शन उपयोग करने की अनुमति होगी, और मासिक निर्धारित राशि के लिए किसी वाउचर या बिल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसे विधायी कामकाज को आधुनिक बनाने के प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
>इसी बीच, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधानमंडल द्वारा पारित 11 महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इनमें बिहार विनियोग संख्या 3 विधेयक 2025 और बिहार जीएसटी संशोधन विधेयक 2025 शामिल हैं, जिनका उद्देश्य राज्य के वित्तीय व कर ढांचे को मजबूत करना है। इसके अलावा भूमि विनियमन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई संशोधन विधेयकों को भी स्वीकृति मिली है, जिनमें बिहार हिंदू धार्मिक न्यास संशोधन, बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं निपटान संशोधन, बिहार कृषि भूमि रूपांतरण संशोधन और बिहार भूमिगत पाइपलाइन संशोधन विधेयक शामिल हैं।
>18वीं बिहार विधानसभा के पहले सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही के दौरान उपाध्यक्ष का चुनाव भी सम्पन्न हुआ, जिसमें नरेंद्र नारायण यादव दूसरी बार निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने गए। प्रस्ताव उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रखा और समर्थन विजय कुमार चौधरी ने किया।