नियम, छात्रवृत्ति से लेकर ई-लाइब्रेरी तक, बीएनकेबी पीजी कॉलेज ने नए छात्रों को दी पूरी जानकारी

05 Aug 2026

बी.एन.के.बी. पी.जी. कॉलेज, अकबरपुर में बुधवार को बीए प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए अभिन्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, नियमों, उपलब्ध सुविधाओं तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शुचिता पांडेय ने की। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ पांडेय ने कहा कि किसी भी महाविद्यालय की सफलता उसके पाँच प्रमुख स्तंभों जिसमे की प्रबंधन समिति, प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि इन सभी के समन्वित प्रयासों से संस्थान और विद्यार्थियों दोनों का समग्र विकास संभव होता है। उन्होंने छात्रों को अनुशासन बनाए रखने, नियमित उपस्थिति दर्ज कराने और मेहनत के साथ अपने शैक्षणिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी।

भूगोल विभाग के सहायक आचार्य डॉ. कमल कुमार त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने और प्रतिदिन नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम से ही प्रतिभा का विकास होता है तथा जीवन के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।

अभिन्यास कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न समितियों, पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर प्रयोगशाला, सूचना प्रौद्योगिकी संसाधनों, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, छात्र कल्याण योजनाओं तथा छात्रवृत्ति संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रक्रियाओं और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के बारे में भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रैगिंग निषेध संबंधी नियमों, लैंगिक समानता, महाविद्यालय की अनुशासन नीति तथा सुरक्षित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के संबंध में भी जानकारी दी गई। महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को संस्थान के नियमों का पालन करने तथा जिम्मेदार छात्र के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।