राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक को लेकर बुधवार को कांवड़ियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। वैदेही सेना के नेतृत्व में करीब 3,000 से अधिक कांवड़ियों ने मोहन रोड पर धरना दिया और अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई और कांवड़ियों ने सड़क जाम कर दी।
प्रदर्शन कर रहे कांवड़ियों की मुख्य मांग है कि शिवलिंग पर कई वर्षों से चढ़ी चांदी की परत हटाई जाए और श्रद्धालुओं को मूल शिवलिंग के दर्शन कराए जाएं। कांवड़ियों का कहना है कि जब तक चांदी की परत नहीं हटाई जाती, तब तक वे बिठूर से लाया गया गंगाजल शिवलिंग पर अर्पित नहीं करेंगे।
प्रदर्शन का केंद्र बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग पर चढ़ी चांदी की परत को हटाने की मांग है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे कांवड़ियों ने मंदिर में जलाभिषेक से पहले इस मांग को प्रमुखता से उठाया है।
यह खबर भी पढ़े - जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ED की 10 ठिकानों पर तलाशी, सरकारी ठेकों की रकम की जांच
कांवड़ियों का कहना है कि वे बिठूर से गंगाजल लेकर आए हैं और उसे बुद्धेश्वर महादेव को अर्पित करना चाहते हैं। हालांकि, उनकी मांग पूरी होने तक उन्होंने जलाभिषेक नहीं करने की बात कही है।
इस मांग के कारण मंदिर परिसर और उसके आसपास का इलाका चर्चा में आ गया है। प्रदर्शन के दौरान कांवड़ियों ने मोहन रोड पर धरना दिया, जिसके बाद सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ।
वैदेही सेना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांवड़ियों के सड़क पर उतरने के बाद मोहन रोड पर धरना शुरू हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन में करीब 3,000 से अधिक कांवड़ियों के शामिल होने की बात कही गई है।
यह खबर भी पढ़े - इंदिरानगर सावन महोत्सव में झूला टूटने से हादसा, तीन भाई-बहन समेत पांच घायल
प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित हुआ। कांवड़ियों ने अपनी मांग पूरी किए जाने तक प्रदर्शन जारी रखने का रुख अपनाया। सड़क पर भीड़ बढ़ने के कारण मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी रही।
पुलिस की ओर से प्रदर्शन कर रहे कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि प्रदर्शन के संबंध में प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय या औपचारिक घोषणा क्या की गई है।
सावन के तीसरे बुधवार को बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी थी। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और जयकारों के बीच बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इसी दौरान जलाभिषेक को लेकर कांवड़ियों का प्रदर्शन शुरू हुआ। धार्मिक आयोजन के बीच प्रदर्शन और सड़क जाम होने से मंदिर के आसपास का माहौल प्रभावित हुआ।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर लखनऊ में श्रद्धालुओं के बीच प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सावन के दौरान यहां पूजा और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी दी गई है।
प्रदर्शन कर रहे कांवड़ियों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि यदि शिवलिंग पर चढ़ी चांदी की परत नहीं हटाई जाती है, तो वे बिठूर से लाया गया गंगाजल अर्पित नहीं करेंगे। यह मांग प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। कांवड़ियों की ओर से मूल शिवलिंग के दर्शन कराने की मांग की जा रही है। इसी मांग को लेकर उन्होंने मंदिर के बाहर और मोहन रोड पर धरना दिया।
उपलब्ध सामग्री में यह भी बताया गया है कि कांवड़ियों ने अपनी मांग पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में सड़क जाम किया। प्रदर्शन की सूचना के बाद मौके पर पुलिस बल मौजूद है। पुलिस की ओर से कांवड़ियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत का प्रयास जारी है। यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ है या आगे भी जारी है।
स्थिति को देखते हुए मंदिर और आसपास के मार्गों पर प्रशासन की मौजूदगी बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान यातायात प्रभावित होने की वजह से मोहन रोड पर आवाजाही भी प्रभावित हुई।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक से जुड़े इस घटनाक्रम में तीन प्रमुख बातें सामने आई हैं। पहली, कांवड़ियों ने शिवलिंग पर चढ़ी चांदी की परत हटाने की मांग की है। दूसरी, उन्होंने मांग पूरी होने तक बिठूर से लाए गए गंगाजल का जलाभिषेक नहीं करने की बात कही है। तीसरी, मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए कांवड़ियों ने मोहन रोड पर धरना और सड़क जाम किया है।
प्रदर्शन वैदेही सेना के नेतृत्व में होने की जानकारी दी गई है और इसमें करीब 3,000 से अधिक कांवड़ियों के शामिल होने का दावा किया गया है। मौके पर पुलिस बल मौजूद है और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।