15 दिन की जमानत मिली, फिर हुआ फरार; छह हत्याओं का आरोपी आखिरकार पकड़ा गया

18 Jun 2026

 

नई दिल्ली। वर्ष 2016 के चर्चित बुराड़ी हत्याकांड में छह लोगों की हत्या के आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे साहिब खान उर्फ बंटी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद आत्मसमर्पण किए बिना फरार हो गया था। पुलिस ने उसे उत्तरी दिल्ली के नथूपुरा इलाके से दबोचा।

 

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर में साहिब खान को अपनी बहन की शादी के आधार पर 15 दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी। जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उसने अदालत में आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया। इसके बाद पांच मई को तीस हजारी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने 14 जून को नथूपुरा चौक के पास जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया के मुताबिक, साहिब खान वर्ष 2014 में बुराड़ी के संत नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर मुनावर खान के कार्यालय में काम करने लगा था। मुनावर खान के परिवार में उनकी पत्नी और चार बच्चे थे, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल थीं। वर्ष 2016 में मुनावर खान दुष्कर्म के एक मामले में जेल चले गए थे। इसी दौरान साहिब खान की नीयत बदल गई और उसने कथित तौर पर मुनावर खान की करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने की योजना बनाई।

 

पुलिस के अनुसार, साहिब खान ने मुनावर खान की पत्नी और दोनों बेटियों को दुष्कर्म मामले में समझौता कराने का झांसा देकर मेरठ के मवाना ले गया। वहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर तीनों की गोली मारकर हत्या कर दी और शवों को नहर में फेंक दिया।

 

मेरठ से लौटने के बाद आरोपी ने मुनावर खान के दोनों बेटों को एक प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने बुलाया। पुलिस के मुताबिक, दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी गई और शवों को पहले से खोदे गए गड्ढों में दफना दिया गया।

 

परिवार के पांच सदस्यों की हत्या की जानकारी लंबे समय तक किसी को नहीं मिल पाई थी। पत्नी और बच्चों के लापता होने के बाद मुनावर खान ने जेल से ही अपहरण का मामला दर्ज कराया था। बाद में उन्हें अपने परिवार की तलाश के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत मिली। पुलिस के अनुसार, जेल से बाहर आने के अगले ही दिन साहिब खान और उसके साथियों ने घर में घुसकर मुनावर खान की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पुलिस को फोन कर मुनावर खान की हत्या की सूचना दी। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को उस पर शक हुआ और सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया था।

 

मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। इसी बीच साहिब खान को बहन की शादी के लिए अंतरिम जमानत मिली थी। लेकिन निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी उसने आत्मसमर्पण नहीं किया, जिसके कारण अदालती प्रक्रिया प्रभावित हुई।

 

एसीपी बुराड़ी शशिकांत गौड़ और थाना प्रभारी गिरीश चंद्र रतुड़ी की टीम आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि जनवरी में उसके पिता की मृत्यु हो गई थी, जो उसके कानूनी मामलों में सहायता करते थे। इसके बाद वह कानूनी मदद के अभाव और गिरफ्तारी के डर से हरियाणा के सोनीपत स्थित टीडीआई सिटी में किराए के मकान में छिपकर रहने लगा। पुलिस के मुताबिक, वह समय-समय पर मुनावर खान की संपत्तियों की देखरेख के बहाने चोरी-छिपे नथूपुरा आता था। इसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

पुलिस जांच में सामने आया कि साहिब खान पहले सोनीपत में मेडिकल स्टोर चलाता था। कम आय होने के कारण वह वर्ष 2014 में मुनावर खान के साथ काम करने लगा था। बाद में कथित तौर पर संपत्ति के लालच में उसने इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया।