>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी स्नान पर्वों, कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और मेलों की तैयारियों को लेकर सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी केवल व्यवस्था संभालने की नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना के भाव से कार्य करने की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी स्नान घाटों और मेला स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा और सतर्कता को लेकर पुख्ता इंतज़ाम किए जाएं।
>मुख्यमंत्री योगी ने सख्त लहजे में कहा कि संवेदनशील स्थलों पर रीलबाज पुलिसकर्मियों जो ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील या वीडियो बनाते हैं की तैनाती किसी भी स्थिति में न की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थलों पर अराजक तत्वों की उपस्थिति बिल्कुल न हो, और सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, फ्लोटिंग बैरियर, स्वास्थ्य सुविधाएं और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएं।
>सीएम योगी ने कहा कि त्योहारों और मेलों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नदियों में जलस्तर अधिक और प्रवाह तेज होने के कारण, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की सक्रिय तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि बिना लाइफ जैकेट के किसी भी नाविक या पर्यटक को नाव चलाने या बोटिंग की अनुमति न दी जाए।
>मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की सेवा ही प्रशासन का धर्म है। श्रद्धालु जब स्नान घाट या मेला क्षेत्र में आएं तो उन्हें स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा का अनुभव होना चाहिए। उन्होंने कहा हर श्रद्धालु की सुरक्षा और संतुष्टि ही सरकार की सच्ची उपलब्धि है।