>बिहार राजनीति के इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए नीतीश कुमार ने 20 नवंबर को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में देशभर की निगाहें टिकी रहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने। शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने न केवल नीतीश कुमार को बधाई दी, बल्कि बिहार की जनता और राज्य में बनी डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की भी सराहना की।
>समारोह में शामिल होने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश की साढ़े 25 करोड़ जनता की ओर से बिहार के नए मंत्रिमंडल को शुभकामनाएं देने आए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा माननीय नीतीश कुमार जी का लंबा प्रशासनिक अनुभव और डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जनता ने इस कार्यशैली पर विश्वास जताया है और उसी पर मुहर भी लगाई है। योगी ने आगे कहा कि बिहार की जनता ने स्थिर सरकार और विकास को चुनकर देश के संघीय ढांचे को मजबूत संदेश दिया है। उन्होंने नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और मंत्रिमंडल के सभी नए सदस्यों को उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से शुभकामनाएं दीं।
>सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिहार में एनडीए सरकार के गठन को जन आकांक्षाओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल ने बिहार की प्रगति को तेज किया है और आने वाले वर्षों में इसका और अधिक प्रभाव दिखेगा।
>सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान 31 रैलियों में शामिल हुए थे, जिनमें से 27 सीटों पर एनडीए को जीत मिली। माना जा रहा है कि योगी की लोकप्रियता ने मैदान में एनडीए के पक्ष में माहौल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद सीएम योगी लगभग ढाई घंटे पटना में रुके, और फिर लखनऊ के लिए रवाना हो गए।