गोरखपुर, 10 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने फरियाद लेकर पहुंचे लोगों से बातचीत की, उनके प्रार्थना पत्र लिए और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा, ‘घबराइए मत, आपकी समस्या का समाधान जरूर कराया जाएगा।’ उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरती जाए और प्रत्येक पीड़ित की समस्या का समाधान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने सोमवार सुबह जनता दर्शन का आयोजन किया गया। यहां अलग-अलग समस्याओं को लेकर पहुंचे करीब 200 लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की।
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कुर्सियों पर बैठे फरियादियों तक मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे। उन्होंने एक-एक व्यक्ति से उनकी समस्या के बारे में जानकारी ली और प्रार्थना पत्र प्राप्त किए। मुख्यमंत्री ने लोगों से बातचीत के दौरान पूछा कि वे कहां से आए हैं और उनकी क्या समस्या है।
जनता दर्शन में पहुंचे लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उनके प्रार्थना पत्र सौंपे और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर संवेदनशीलता से ध्यान देने और उसका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण तथा पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों का समाधान इस तरह किया जाए कि संबंधित व्यक्ति को संतुष्टि मिल सके। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों में समयबद्ध कार्रवाई के साथ समस्या के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी जोर दिया गया।
जनता दर्शन के दौरान कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जे से जुड़ी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जमीन संबंधी शिकायतों पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रार्थना पत्र अधिकारियों को सौंपते हुए मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का अनुरोध लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत कर इलाज से संबंधित जानकारी ली और भरोसा दिया कि धन की कमी इलाज में बाधा नहीं बनेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल से एस्टीमेट प्राप्त करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों और उनके परिजनों ने आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्रों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द कार्रवाई की जाए। उन्होंने समस्याओं के निस्तारण में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार शाम गोरखपुर पहुंचे थे। गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद सोमवार सुबह उनकी दिनचर्या परंपरागत रूप से शुरू हुई। सुबह उन्होंने शिवावतार गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाया। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले।
मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में भी पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश की सेवा की और उन्हें अपने हाथों से गुड़ खिलाया। मुख्यमंत्री ने गोशाला में मौजूद गोवंश को दुलारा और कुछ समय वहां बिताया। इसके बाद उन्होंने जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं लेकर लोग पहुंचे थे। इनमें जमीन से संबंधित शिकायतों के अलावा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी शामिल थी।
मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को सीधे सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों को सभी शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए कहा गया।