उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सीतापुर के गुरुदेव नगर, हरगांव निवासी पूनम देवी ने मुख्यमंत्री के सामने गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताते हुए निराश्रित गाय उपलब्ध कराने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने तत्काल अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को उन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराने और नियमानुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
इसी जनता दर्शन में एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत भी मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराकर शिकायत का निस्तारण करने और पीड़ित को यथासंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सीतापुर के गुरुदेव नगर, हरगांव की रहने वाली पूनम देवी ने मुख्यमंत्री को दिए अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। उनके अनुसार, वर्तमान में उनके पास पांच गाय हैं और अन्य गोवंश को रखने के लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध है।
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पूनम ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उन्हें और गाय उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना था कि गोपालन के जरिए दूध आदि की बिक्री कर वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहती हैं।
जनता दर्शन में प्रार्थना पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देशित किया गया कि पूनम देवी को निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी दिलाई जाए।
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मुख्यमंत्री ने पूनम देवी की मांग पर तत्काल संबंधित विभाग को निर्देश जारी किया। इसमें निराश्रित गाय उपलब्ध कराने के साथ-साथ नियमानुसार योजनाओं का लाभ देने की बात कही गई।
सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, पूनम देवी के पास पहले से पांच गाय हैं और उनके पास अतिरिक्त गोवंश रखने की व्यवस्था भी है। ऐसे में उनकी मांग को पशुधन विभाग के स्तर पर नियमानुसार पूरा करने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अन्य लोगों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
प्रार्थना पत्र पढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने पूनम देवी की हौसलाअफजाई भी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पूनम से गोसेवा करने की बात कही और कहा कि मन से गोसेवा करने पर बाधाएं और कष्ट दूर होंगे। उन्होंने गोसेवा के धार्मिक महत्व का भी उल्लेख किया।
पूनम देवी ने श्रावण मास में अपनी इच्छा पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। पूनम देवी की मांग केवल अतिरिक्त गोवंश उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता दिलाने का भी निर्देश दिया।
इससे संबंधित प्रक्रिया नियमानुसार पशुधन विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया कि महिला को सरकार की ओर से लागू योजनाओं का लाभ नियमानुसार उपलब्ध कराया जाए।
यह मामला जनता दर्शन में व्यक्तिगत समस्या के साथ आजीविका से जुड़े अनुरोध के रूप में सामने आया, जहां आवेदक ने गोपालन को अपनी आय का साधन बनाने की इच्छा व्यक्त की।
जनता दर्शन के दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत रखी। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसकी भूमि पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कराने और शिकायत के निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित को यथासंभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही गई।
भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित शिकायतों में सामान्य तौर पर राजस्व एवं स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर जांच की आवश्यकता होती है। इस मामले में भी मुख्यमंत्री ने तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
‘जनता दर्शन’ के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों से उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी ली। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लोगों की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनता दर्शन में व्यक्तिगत समस्याओं के साथ भूमि और अन्य मामलों से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।