सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज को लेकर दिए गए बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर क्या होना चाहिए और क्या नहीं, इसके लिए पहले से नियम-कानून मौजूद हैं, लेकिन इस विषय पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई सबसे “अधर्मी” पार्टी है तो वह भाजपा है।
मंगलवार को एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हाल ही में अधिवक्ता संघ के लोग विरोध प्रदर्शन के लिए निकले थे, जिनके हाथों में रामचरितमानस थी, इसके बावजूद उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा स्वयं को सनातन परंपरा का पक्षधर मानती है तो उसे वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है।
सपा प्रमुख ने राज्य सरकार के कार्यों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार न तो स्मार्ट सिटी योजना को पूरी तरह सफल बना सकी और न ही स्मार्ट मीटर व्यवस्था टिक सकी, जिसे बाद में हटाना पड़ा। ऐसे में सरकार के कामकाज पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सड़क पर नमाज के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कें और चौड़ी होनी चाहिए ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस तरह के मुद्दे उठाकर मूल समस्याओं से ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि बहस रोजगार, शिक्षा और आरक्षण जैसे विषयों पर होनी चाहिए, लेकिन उसे दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा, कौन सड़क पर नमाज पढ़ रहा है? और अगर पढ़ भी रहा है, अगर जगह कम है तो क्या दिक्कत है? उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि विपक्ष इन मुद्दों में उलझ जाए, लेकिन समाजवादी पार्टी जनता से जुड़े वास्तविक सवाल उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा विवाद और 69 हजार भर्ती में आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिन एक कार्यक्रम में कहा था कि उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज नहीं होती। उन्होंने कहा था कि सड़कें आवागमन के लिए होती हैं और किसी को भी सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध करने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि यदि किसी स्थान पर जगह की समस्या है तो लोगों को “शिफ्ट” में व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने जनसंख्या वृद्धि को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा था कि सामर्थ्य के अनुसार ही परिवार बढ़ाना चाहिए।