नोएडा आंदोलन पर CM योगी का सख्त रुख, बोले - श्रमिकों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं

16 Apr 2026

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में हुए श्रमिक प्रदर्शनों और हिंसक घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

सरकार की समीक्षा में सामने आया है कि नोएडा में हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार 66 लोगों में से 45 व्यक्ति श्रमिक नहीं थे। प्रशासन के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और आगजनी भड़काने में ‘बाहरी तत्वों’ की अहम भूमिका रही।

 

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए गौतमबुद्ध नगर के घटनाक्रम पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान तत्काल की जाए, जो श्रमिकों की आड़ में अशांति फैलाने में शामिल हैं, और उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे तत्वों को बेनकाब करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक स्थलों पर उनकी तस्वीरें भी लगाई जाएं, ताकि आम लोगों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। साथ ही, अफवाह फैलाने वाले संगठनों और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

श्रमिक हितों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां, समय पर पूरा वेतन और सभी वैधानिक सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है। इन अधिकारों के हनन पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में संभावित अनियमितताओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति और श्रम विभाग को प्रदेशभर में ऐसी एजेंसियों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में श्रमिकों की वास्तविक संख्या, भुगतान व्यवस्था, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं का परीक्षण किया जाएगा।

 

इसके अलावा, सभी औद्योगिक इकाइयों में सक्रिय ग्रीवांस सेल स्थापित करने, श्रमिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और कार्यस्थलों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री और सस्ते आवास की योजनाएं तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

 

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों की आड़ में कोई भी अराजक तत्व औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न कर सके और सभी इकाइयों का संचालन सुचारु रूप से जारी रहे।

 

 

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि हाल में वेतन वृद्धि के फैसले से श्रमिकों में संतोष है और गौतमबुद्ध नगर में स्थिति अब सामान्य हो रही है।