>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कबलाना गांव स्थित बाबा पालनाथ आश्रम में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होकर साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सामाजिक एकता, सनातन परंपरा और नशा विरोधी अभियान पर जोर दिया।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के स्वर्णयुग के दौरान भी बाहरी हमलों का खतरा बढ़ा था, इसलिए वर्तमान समय में भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण और नशे के माध्यम से समाज को कमजोर करने की कोशिशें हो सकती हैं, जिनका मिलकर मुकाबला करना होगा। सीएम योगी के अनुसार, सनातन धर्म तभी सुरक्षित रह सकता है जब समाज एकजुट रहेगा और जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर विभाजन से बचेगा।
>उन्होंने कहा कि भारत और विश्व मानवता की रक्षा के लिए सनातन परंपरा महत्वपूर्ण है। अयोध्या में फहराई गई धर्मध्वजा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम में बाबा मस्तनाथ, बाबा पालनाथ और शिव परिवार सहित विभिन्न मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। उन्होंने हरियाणा की सरकार को विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए बताया।
>नशामुक्ति पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नशा समाज की सोचने की क्षमता खत्म कर देता है और इसे फैलाने की कोशिशें सीमा पार से भी होती हैं। उन्होंने संतों से हर धार्मिक आयोजन में नशा, लव जिहाद और धर्मांतरण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
>सीएम योगी ने सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नाथ संप्रदाय ने इसे जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जहां धर्म होगा, वहीं विजय होगी, और 25 नवंबर को अयोध्या में फहराई गई भगवा धर्मध्वजा इसी संदेश को प्रतिबिंबित करती है।